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विजिलेंस को दी जा सकती है आयुर्वेद घोटाले की जांच, स्वास्थ्य मंत्री ने कही बड़ी बात
Wed, 23 Oct 2019 10:37 AM IST
Krishan Singh
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Wed, 23 Oct 2019 10:37 AM IST
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फाइल फोटो
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प्रदेश सरकार आयुर्वेद विभाग में हुए घोटाले की जांच जल्द ही विजिलेंस को सौंप सकती है। स्वास्थ्य मंत्री विपिन सिंह परमार ने मंगलवार को सचिवालय में पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत में यह बात कही।
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स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि वैसे तो विभागीय स्तर पर जांच के बाद कार्रवाई की गई है लेकिन अभी भी मामले में पत्र बमों के जरिये सवाल उठाए जा रहे हैं। हाल ही में किसी कर्मी ने मुख्यमंत्री को भी पत्र लिखकर सवाल उठाए थे।
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चूंकि प्रदेश सरकार भ्रष्टाचार पर जीरो टालरेंस की नीति पर काम कर रही है। ऐसे में विभाग इस बात पर विचार कर रहा है कि मामले की जांच विजिलेंस को सौंप दी जाए। बता दें, आयुर्वेद विभाग में उपकरणों के साथ- साथ कुछ अन्य वस्तुओं की हुई खरीद में घोटाले की बात सामने आई थी।
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विभागीय जांच के बाद निदेशक व खरीद कमेटी के तीन सदस्यों पर निलंबन, चार्जशीट की कार्रवाई की गई। लेकिन इसके बाद भी विवाद थमता नहीं दिख रहा है। विभाग के एक कर्मी ने पत्र लिखकर वरिष्ठ अधिकारियों पर भी गंभीर आरोप लगाए थे।
जिसके बाद अब तक हुई जांच पर भी सवाल खड़े होने लगे हैं। कर्मचारी ने पत्र में विभाग के आला अधिकारियों पर खरीद के लिए दबाव बनाने का आरोप भी लगाया है। ऐसे में माना जा रहा है कि विभाग जल्द ही आरोपों की पड़ताल के लिए विजिलेंस का जांच सौंप सकता है।