सेंट्रल यूनिवर्सिटी के वीसी ने दिया इस्तीफा
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
केंद्रीय विश्वविद्यालय छतड़ी (शाहपुर) के वाइस चांसलर प्रो. फुरकान कमर ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। प्रो. फुरकान ने राष्ट्रपति (विजिटर ऑफ यूनिवर्सिटी) को इस्तीफे के लिए प्रार्थना पत्र भेज दिया है।
हालांकि, अभी तक उनका त्यागपत्र मंजूर नहीं हुआ है। एसोसिएशन ऑफ इंडियन यूनिवर्सिटी में बतौर सेक्रेटरी जनरल पांच साल के लिए नियुक्ति मिलने पर सीयू के वीसी प्रो. फुरकान कमर ने राष्ट्रपति को त्यागपत्र के लिए प्रार्थना भेजी है।
वहीं, केंद्रीय विश्वविद्यालय छतड़ी (शाहपुर) में वीसी प्रो. फुरकान कमर का कार्यकाल जनवरी 2015 में खत्म हो रहा है। राष्ट्रपति की ओर से त्यागपत्र मंजूर होने के बाद प्रो. फुरकान कमर एसोसिएशन ऑफ इंडियन यूनिवर्सिटीज दिल्ली में बतौर सेक्रेटरी जनरल पद्भार संभाल लेंगे।
कुलपति ने माना, राष्ट्रपति को भेजा है प्रार्थना पत्र
केंद्रीय विश्वविद्यालय छतड़ी के वीसी प्रो. फुरकान कमर ने कहा कि उन्होंने राष्ट्रपति को इस्तीफे के लिए प्रार्थना पत्र भेजा है।
जैसे ही उनका प्रार्थना पत्र मंजूर होगा, वह एसोसिएशन ऑफ इंडियन यूनिवर्सिटीज में बतौर सेक्रेटरी जनरल पद्भार ग्रहण कर लेंगे। एसोसिएशन ऑफ इंडियन यूनिवर्सिटीज में बतौर सेक्रेटरी जनरल उनको नियुक्ति मिल गई है।
एसोसिएशन ऑफ इंडियन यूनिवर्सिटीज का मुख्यालय दिल्ली में है। इसका मुख्य कार्य भारतीय विश्वविद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता को बढ़ाना है। इसके अलावा राज्यों के विश्वविद्यालयों में विभिन्न कोर्सों की रिकोग्नाइजेशन देखना भी इसका कार्य होता है। एसोसिएशन ऑफ इंडियन यूनिवर्सिटीज विश्वद्यालयों के कुलपतियों के लिए कार्यशालाओं और कांफेंस का भी आयोजन करती है।
इसलिए दिया इस्तीफा?
यूपीए सरकार के कार्यकाल में 2010 में प्रो. फुरकान की बतौर वीसी नियुक्ति के साथ ही हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय शुरू हुआ। केंद्रीय विश्वविद्यालय के लिए 500 करोड़ रुपये का बजट जारी किया था, लेकिन आज तक ये खर्च नहीं हो पाया।
इसका कारण जगह का विवाद भी रहा है। पहले तय हुआ था कि देहरा में केंद्रीय यूनिवर्सिटी खुलेगी। बाद में इसे धर्मशाला शिफ्ट कर दिया गया। यहां अभी 900 छात्र और लगभग 70 स्टाफ है।