15 अक्तूबर से फिर से होंगी ई-पीटीएम, कैबिनेट में जाएगा स्कूल खोलने का मामला
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हिमाचल के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के अभिभावकों के साथ 15 अक्तूबर से दोबारा ई-पीटीएम (पेरेंट्स टीचर मीटिंग) होगी। विद्यार्थियों के फर्स्ट टर्म परीक्षाओं के परिणाम को लेकर इस दौरान अभिभावकों के साथ शिक्षक चर्चा करेंगे। मंगलवार को सचिवालय में शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर की अध्यक्षता में हुई विभागीय समीक्षा बैठक में यह फैसला लिया गया। शिक्षा मंत्री ने स्वयं भी कुछ बैठकों में शामिल होकर अभिभावकों के साथ चर्चा करने को कहा है।
अगस्त में पहली बार सरकारी स्कूलों में ई-पीटीएम हुई थी। चार दिन तक चली बैठकों में 48 हजार शिक्षकों ने 7.05 लाख अभिभावकों के साथ संवाद किया। अब दूसरी कड़ी में 15 अक्तूबर से ई पीटीएम का दौर शुरू होगा। बैठक में सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों को स्वच्छ पीने का पानी उपलब्ध करवाने के लिए वाटर प्यूरीफायर लगाने का फैसला लिया गया। वन स्वीकृतियां लंबित होने के चलते बंद पड़े निर्माण कार्यों को लेकर चर्चा की गई। बैठक में शिक्षा सचिव राजीव शर्मा, उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. अमरजीत कुमार शर्मा, प्रारंभिक शिक्षा निदेशक शुभकरण सिंह, समग्र शिक्षा अभियान के राज्य परियोजना निदेशक आशीष कोहली मौजूद रहे।
प्रदेश में 15 अक्तूबर से स्कूल खोलने और कॉलेजों में फर्स्ट और सेकेंड ईयर के विद्यार्थियों को बिना परीक्षा लिए अगली कक्षा में प्रमोट करने का मामला नौ अक्तूबर को प्रस्तावित कैबिनेट बैठक में जाएगा। मंगलवार को शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर की अध्यक्षता में हुई विभागीय समीक्षा बैठक के दौरान भी इन दोनों मामलों को लेकर चर्चा हुई। फैसला लिया गया कि सभी विकल्पों को शामिल करते हुए प्रस्ताव तैयार कर मंत्रिमंडल के समक्ष रखा जाएगा।
अटल आदर्श विद्यालय के नियमों में हो सकता है बदलाव
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की बजट घोषणा को पूरा करना शिक्षा विभाग के लिए मुश्किल होता जा रहा है। हर विस क्षेत्र में अटल आदर्श विद्यालय खोलने की घोषणा को पूरा करने में जुटे विभागीय अधिकारी दो साल बीतने के बाद भी स्कूल खोलने में कामयाब नहीं हुए हैं।
अटल आदर्श विद्यालय बनाने के लिए रखी गई शर्तों को पूरा नहीं करने के चलते यह घोषणा अधर में फंसी हुई है। मंगलवार को हुई विभागीय समीक्षा बैठक में इस मामले को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। अधिकारियों ने स्कूलों को लेकर बनाए गए नियमों में बदलाव करने की पैरवी की।