CM Jairam Announcement: विश्वविद्यालयों और कॉलेजों के शिक्षकों को एक माह में यूजीसी पे स्केल, सीएम जयराम ने मंडी में किया एलान
सीएम जयराम ठाकुर ने कहा कि शिक्षक लंबे समय से यूजीसी पे स्केल की मांग कर रहे थे। कहा कि सरकार आर्थिक तंगी में जरूर है, लेकिन जिसका जो हक है वो उसे मिलेगा। एक महीने में संशोधित यूजीसी पे स्केल को लेकर अधिसूचना जारी की जाएगी।
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हिमाचल प्रदेश के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों के शिक्षकों को एक माह में यूजीसी पे स्केल मिलेगा। यह घोषणा मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने मंगलवार को मंडी में सरदार पटेल विश्वविद्यालय के शुभारंभ पर कही। जुलाई में इस विश्वविद्यालय में कक्षाएं शुरू हो जाएंगी। यह राज्य का हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला के बाद दूसरा विश्वविद्यालय बना। यूजीसी पे स्केल देने की घोषणा के बाद विश्वविद्यालयों और कॉलेजों के शिक्षकों ने हड़ताल वापस ले ली है।
विश्वविद्यालय के शुभारंभ के बाद मंडी देव सदन में आयोजित जनसभा में सीएम ने कहा कि इस विवि के अधीन पांच जिलों मंडी, कुल्लू, लाहौल-स्पीति, चंबा और कांगड़ा के सभी 140 सरकारी और निजी कॉलेज आएंगे। उन्होंने कहा कि लंबे समय से चली आ रही यूजीसी पे स्केल देने की शिक्षकों की मांग सरकार ने मान ली है। एक माह में इसकी अधिसूचना जारी कर दी जाएगी। उन्होंने कहा कि बेशक सरकार आर्थिक कठिनाई के दौर से गुजर रही है, लेकिन किसी का हक नहीं रुकेगा।
विवि का कैंपस बासाधार में बनाने पर विचार
मुख्यमंत्री ने कहा कि द्रंग विधानसभा क्षेत्र बासाधार में विवि का कैंपस बनाने पर विचार किया जा रहा है। अभी वल्लभ कॉलेज परिसर में स्थित भवन से इसका संचालन होगा। यहां 27 करोड़ की लागत से एक अन्य भवन भी बन रहा है। मुख्यमंत्री ने हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड की बारहवीं कक्षा के परीक्षा परिणाम में सरकारी स्कूलों के नतीजों पर खुशी जताते हुए कहा कि बच्चे साधन और सुविधाओं की कमी के बावजूद बेहतर परिणाम दे रहे हैं।
शिक्षकों ने किया था पूर्ण शिक्षा बंद का एलान
यूजीसी पे स्केल लागू करने में हो रही देरी से उखड़े शिक्षकों ने प्रदेश के विश्वविद्यालयों में मंगलवार, जबकि कॉलेजों के शिक्षक पांच जुलाई से पूर्ण शिक्षा बंद का एलान किया था। संयुक्त संघर्ष समिति की कार्यकारिणी का कहना था कि यूजीसी पे स्केल लागू करने के फैसले को सरकार कमेटियों का गठन करने की बात कहकर टाल रही है। पंजाब सरकार 25 जून को यूजीसी पे स्केल लागू करने की घोषणा कर चुकी थी। समिति शिक्षकों को 1 जनवरी, 2016 से यूजीसी पे स्केल का लाभ देने की मांग कर रही है। प्रदेश में विश्वविद्यालयों के 1,000 व कॉलेजों के करीब 2,000 शिक्षकों को यूजीसी पे स्केल का लाभ मिलेगा।
शिवधाम के दूसरे चरण का कार्य सितंबर में
मुख्यमंत्री ने कहा कि मंडी छोटी काशी के नाम से मशहूर है। अब यहां पर शिवधाम भी जमीन पर खड़ा हो रहा है। 50 करोड़ की लागत से बनने वाला प्रथम चरण सितंबर में पूरा हो जाएगा। 100 करोड़ के दूसरे चरण का कार्य सितंबर में शुरू हो जाएगा। उन्होंने कहा कि तीन चरणों में बनने वाला शिवधाम धार्मिक पर्यटन का केंद्र बनेगा।
हर हाल में बनेगा मंडी का एयरपोर्ट
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने विपक्ष की टिप्पणियों का जवाब देते हुए कहा कि एयरपोर्ट को लेकर विपक्ष के लोग बड़ी-बड़ी बातें कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि एयरपोर्ट हर हाल में बनकर रहेगा। इसकी तकनीकी प्रक्रिया कुछ हद तक पूरी हो चुकी है। अब एयरपोर्ट अथॉरिटी के साथ एक कंपनी की ओर से सोशल इंपैक्ट का सर्वे किया जाना है। इसके बाद भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई शुरू होगी, एक बार भूमि अधिग्रहण हो गया तो उसके बाद एयरपोर्ट का कार्य नहीं रुकेगा।
ये रहे उपस्थित
इस मौके पर शिक्षा मंत्री गोबिंद सिंह ठाकुर, जल शक्ति मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर, जिला के सभी विधायक, यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर डॉ. देवदत्त शर्मा, प्रो. वाइस चांसलर अनुपमा सिंह व अन्य अधिकारी, प्रशासनिक अधिकारी और भाजपा नेता मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री जयराम ने बुजुर्ग को पैर छूने से रोका
सरदार पटेल विश्वविद्यालय के शुभारंभ के दौरान मंगलवार को मंडी दौरे पर पहुंचे मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर उस समय असहज हो गए, जब एक बुजुर्ग उनके पैर छूने की कोशिश करने लगे। इस पर मुख्यमंत्री ने बुजुर्ग को रोका और स्वयं उनके पांव छू लिए। बाद में मुख्यमंत्री ने बुजुर्ग की फरियाद को सुना। मुख्यमंत्री ने बुजुर्ग की ओर से दिए प्रार्थना पत्र को अपने पास रखते हुए उन्हें भरोसा दिया कि वह देखेंगे कि इस पर क्या हो सकता है।
इसके बाद मुख्यमंत्री कार्यक्रम स्थल की ओर चले गए। बाद में इन बुजुर्ग से बात की गई तो पता चला कि उनका नाम बाला राम है और वह रिवालसर के रहने वाले हैं। उनकी उम्र 80 वर्ष है और अस्वस्थ भी रहते हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि कटोला में सरकारी क्षेत्र में कार्यरत उनके बेटे का तबादला रिवालसर किया जाए ताकि वह नौकरी करने के साथ-साथ उनकी देखभाल भी कर सके।