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ड्रैगन को दबाने की कोशिश: दलाईलामा के प्रतिनिधि से मिले अमेरिकी विदेश मंत्री, ट्विटर पर शेयर की तस्वीर
Wed, 28 Jul 2021 10:02 PM IST
अरविन्द ठाकुर
अमर उजाला नेटवर्क, धर्मशाला
अमर उजाला नेटवर्क, धर्मशाला
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Wed, 28 Jul 2021 10:02 PM IST
सार
पिछले हफ्ते तिब्बत में जिस जगह चीन के राष्ट्रपति जिनपिंग गए थे, वह भारत के अरुणाचल प्रदेश की सीमा से महज 20 किलोमीटर दूर थी। माना जा रहा है कि तिब्बत में भारतीय सीमा के पास जिनपिंग के इस दौरे से अंदरखाते भारत परेशान था।
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अमेरिकी विदेश मंत्री ने ट्विटर पर मुलाकात की तस्वीरें साझा कीं।
- फोटो : https://twitter.com/SecBlinken
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विस्तार
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के पहली बार तिब्बत के दौरे के एक हफ्ते बाद भारत में भी विदेशी कूटनीति की हलचल हुई है। अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकेन दिल्ली में बुधवार को बौद्ध धर्मगुरु दलाईलामा के प्रतिनिधि नुडुप डोंगछुंग से मिले। डोंगछुंग निर्वासित तिब्बत सरकार के प्रतिनिधि भी हैं। इस संक्षिप्त मुलाकात के दौरान सिविल सोसायटी के नेता भी मौजूद रहे। अमेरिकी विदेश मंत्री ने ट्विटर पर मुलाकात की तस्वीरें भी साझा कीं।
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ट्विटर पर अमेरिकी विदेश मंत्री ने लिखा कि सिविल सोसायटी के नेताओं से मिलकर खुशी हुई। हालांकि, उन्होंने दलाईलामा के प्रतिनिधि का नाम ट्विटर पर नहीं लिखा। भारत के विदेश मंत्रालय ने भी अमेरिकी विदेश मंत्री की दिल्ली में दलाईलामा के प्रतिनिधि के साथ मुलाकात के बारे में मीडिया में नहीं बताया। अमर उजाला ने मैक्लोडगंज स्थित धर्मगुरु दलाईलामा के निजी सचिव सेटन सामदुप से इस मुलाकात के बारे में जानने की कोशिश की। सामदुप ने माना कि डोंगछुंग की अमेरिकी विदेश मंत्री से मुलाकात हुई है। दोनों में क्या बातचीत हुई, इस पर उन्होंने कुछ नहीं कहा, लेकिन इसे चीन को सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है।
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पिछले लंबे अरसे से अमेरिका और चीन के रिश्तों में तनातनी चल रही है। दोनों देश एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाते रहते हैं। पिछले साल नवंबर में अमेरिका ने अपने व्हाइट हाउस में छह दशक में पहली बार निर्वासित तिब्बत सरकार के किसी प्रधानमंत्री को औपचारिक रूप से बुलाया था। इसके एक माह बाद अमेरिका की संसद ने तिब्बत के समर्थन और दलाईलामा के उत्तराधिकारी को लेकर तिब्बत नीति एवं समर्थन अधिनियम को पारित किया था।
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तिब्बत में अरुणाचल की सीमा से महज 20 किमी दूर थे जिनपिंग
पिछले हफ्ते तिब्बत में जिस जगह चीन के राष्ट्रपति जिनपिंग गए थे, वह भारत के अरुणाचल प्रदेश की सीमा से महज 20 किलोमीटर दूर थी। माना जा रहा है कि तिब्बत में भारतीय सीमा के पास जिनपिंग के इस दौरे से अंदरखाते भारत परेशान था। 6 जुलाई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी दलाईलामा को फोन करके उन्हें जन्मदिन की बधाई दी थी। मोदी ने दलाईलामा के साथ फोन पर हुई बातचीत के बारे में ट्विटर पर जानकारी साझा की थी।