केंद्रीय बजट में इन घोषणाओं से हिमाचल के 9.56 लाख किसानों में जगी आस
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केंद्रीय बजट से हिमाचल के लगभग 9.56 लाख किसानों में आस जगी है। बजट में किसानों की आय दोगुनी करने के लिए सोलर प्लांट और पंप लगाने से राहत के आसार दिख रहे हैं। प्रदेश में वर्तमान समय में लगभग 542 हेक्टेयर में खेती होती है, इसके अलावा अधिकतर भूमि खाली है। जिसमें सबसे ज्यादा वन भूमि है। ऐसे में केंद्र सरकार की खाली भूमि पर सोलर प्लांट और पंप लगाने की योजना से एक ओर जहां बिजली उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा।
वहीं, हिमाचल के जिन क्षेत्रों में सिंचाई के लिए पानी न होने से खेती करना किसानों ने छोड़ दी है, वहां के किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है। उधर, कृषि विभाग के निदेशक डॉ. राकेश कुमार कौंडल ने कहा कि प्रदेश में किसानों की आय को बढ़ाने के लिए पहले से ही काम शुरू हुए हैं। अब केंद्रीय बजट में अनेक प्रावधान होने से हिमाचल में इस योजना को और गति मिलेगी।
एक उत्पाद-एक जिला योजना से मिलेगा लाभ
केंद्र सरकार के कृषि उपज को बढ़ावा देनी के लिए प्रस्तावित एक उत्पाद-एक जिला योजना को हिमाचल में सबसे ज्यादा लाभ मिल सकता है। सूबे के हर जिला में एक उत्पाद पर फोकस करने की अपार संभावनाएं हैं। ऐसे में इस योजना का हिमाचल के किसानों को फायदा होने की उम्मीद है।
प्राकृतिक खेती को भी मिलेगी गति
केंद्र सरकार ने बजट में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने की दिशा में भी विशेष प्रयास करने की योजना बनाई है, जबकि हिमाचल सरकार पहले से प्राकृतिक खेती परियोजना पर काम कर रहा है। अब केंद्र से बजट मिलने से प्राकृतिक खेती की परियोजना को गति मिलेगी।