हिमाचल: केंद्रीय बजट को सांसद प्रतिभा सिंह ने दिशाहीन बताया, पूर्व सीएम धूमल ने सराहा, जानें किसने क्या प्रतिक्रिया दी
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की ओर से मंगलवार को वर्ष 2022-23 के लिए पेश बजट को पूर्व सीएम धूमल ने सराहा है, वहीं, कांग्रेस सांसद प्रतिभा सिंह ने बजट को दिशाहीन बताया है। जानें बजट पर किसने क्या प्रतिक्रिया दी।
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विस्तार
पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने कहा कि लोकसभा में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वर्ष 2022-23 के लिए एक सर्वस्पर्शी बजट पेश किया है। इसका स्वागत करता हूं। उन्होंने कहा कि बजट में समाज के विभिन्न वर्ग के लोगों को राहत देने का प्रयास किया गया है। कंपनियों को कॉरपोरेट टैक्स 15 फीसदी भरना पड़ता है। सहकारी क्षेत्र के लोगों को 18.5 फीसदी टैक्स देना पड़ता था। अब उसकी दर 15 फीसदी कर दी गई है। सहकारी समितियों पर सरचार्ज पहले 12 फीसदी लगता था, उसकी दर भी 7 फीसदी कर दी गई है। कहा कि हर घर नल से जल योजना के लिए 60000 करोड़, आवास योजना के लिए 48000 करोड़ का प्रावधान किया गया है। रक्षा क्षेत्र में निवेश 68 फीसदी कर दिया है। यह पिछली बार 58 फीसदी था। दैनिक उपयोग की कई वस्तुओं के दाम कम किए गए हैं। खेती की जमीन के दस्तावेजों का डिजिटलीकरण होगा।
राज्यों को एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी के सिलेबस बदलने को कहा जाएगा। एनपीएस के तहत कर्मचारियों को पहले प्रदेशों में 10 फीसदी की राहत दी जाती थी, यह बढ़ाकर 14 फीसदी कर दी गई है। वहीं, सांसद प्रतिभा सिंह ने केंद्रीय बजट को पूरी तरह दिशाहीन बताया है। कहा कि बजट में ऐसा कोई भी प्रस्ताव नहीं है, जिससे आम और मध्यम वर्ग के लोगों को बढ़ती महंगाई से राहत मिल सके। उन्होंने बजट को महज आंकड़ों का दस्तावेज बताया। प्रतिभा सिंह ने कहा कि बजट में हिमाचल जैसे पहाड़ी राज्यों की घोर उपेक्षा की गई है। उन्हें उम्मीद थी कि प्रदेश में रेलवे विस्तार के लिए कोई ठोस बजट आवंटित किया जाता, पर ऐसा कुछ नहीं हुआ है। मंडी में प्रस्तावित अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के निर्माण का भी बजट में कोई उल्लेख नही है। बजट से देश में बेरोजगारी के साथ महंगाई बढ़ेगी।
आर्थिक सुदृढ़ता देने वाला बजट : किशन
चंबा-कांगड़ा के सांसद किशन कपूर ने 2022-23 के बजट को ग्रामीण एवं पिछड़े क्षेत्रों के लिए आर्थिक सुदृढ़ता देने वाला बताया है। उन्होंने कहा कि देश के ग्रामीण क्षेत्रों तक ई-सुविधाएं पहुंचाने के लिए सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में ऑप्टिकल फाइबर बिछाने का काम दो-तीन वर्षों में पूरा कर लेगी। पूंजीगत निवेश के लिए राज्यों को वित्तीय सहायता योजना की धनराशि बढ़ाने से हिमाचल जैसे पहाड़ी राज्य को उत्पादकपरक पूंजीनिवेश में समुचित सहायता मिलेगी। देश के 1.5 लाख डाकघरों में कोर बैंकिंग प्रणाली शुरू होने से अब ग्रामीणों को बैंकिंग सुविधा के लिए बैंकों पर अधिक आश्रित नहीं रहना पड़ेगा।
बजट सर्वांगीण विकास के लिए समर्पित: गणेश
हिमफेड अध्यक्ष गणेश दत्त ने वर्ष 2022-23 के बजट को सर्वांगीण विकास के लिए समर्पित बताया है। कहा कि केंद्रीय बजट बेरोजगारों पर अंकुश लगाने वाला किसानों का हितैषी और स्थानीय उत्पादक वस्तुओं को तरजीह देने वाला है। रक्षा क्षेत्र में रिसर्च के नए आयाम स्थापित करने वाला है। बजट में सबसे अधिक देश के अन्नदाता के हितों का ध्यान रखा गया है। इसमें कृषि संबंधी सामग्री और कृषि उपकरणों को सस्ता किया गया है। बेरोजगारों के लिए 80 लाख पद भरने की योजना है। स्थानीय उत्पादों की मार्केटिंग पर विशेष ध्यान दिया गया है।
सभी वर्गों को लाभ पहुंचाने वाला है बजट : मारकंडा
तकनीकी शिक्षा, आईटी एवं जनजातीय विकास मंत्री रामलाल मारकंडा ने बजट को सभी वर्गों को लाभ पहुंचाने वाला बताया। उन्होंने कहा कि कोरोना संकट के बीच पेश किए गए बजट में शिक्षा क्षेत्र के लिए कई प्रावधान किए गए हैं। ड्रोन तकनीक शुरू करने की बात केंद्र ने की है। हमने यह तकनीक हिमाचल में पहले ही शुरू कर दी है। शाहपुर आईटीआई से इसकी शुरुआत की गई है। प्रदेश के अन्य क्षेत्रों में इसको बढ़ावा देकर ड्रोन पायलट तैयार किए जाएंगे। आईटीआई, पॉलीटेक्निक और इंजीनियरिंग कॉलेजों में इसे शुरू किया जाएगा। डिजिटल विवि के फैसले का स्वागत करते मारकंडा ने कहा कि शिक्षा का अब डिजिटलीकरण हो रहा है। मंडी में अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के निर्माण को लेकर भू अधिग्रहण की प्रक्रिया जारी है। हर गांव तक ऑप्टिकल फाइबर बिछाने के फैसले से जनजातीय क्षेत्रों को लाभ होगा।
बेरोजगारी दूर करने के कोई सार्थक उपाय नहीं : विक्रमादित्य
कांग्रेस विधायक विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि केंद्रीय बजट युवा विरोधी और अंधेरे में तीर मारने जैसा है। बजट में बेरोजगारी दूर करने के कोई सार्थक उपाय नजर नहीं आए हैं। युवाओं के लिए कोई भी ऐसी योजना का उल्लेख नहीं है, जिससे देश में रोजगार के अवसर बढ़ सकें। उन्हें नहीं लगता कि यह बजट देश में लक्षित विकास दर हासिल करेगा। कहा कि यह आंकड़ों का पिटारा है। इसमें देश को सब्जबाग दिखाने का पूरा प्रयास किया गया है। बजट पूरी तरह दिशाहीन है। आम लोगों को कोई राहत नहीं मिलेगी।
केंद्रीय बजट महज आंकड़ों का मायाजाल: राठौर
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप राठौर ने केंद्रीय बजट को महज आंकड़ों का मायाजाल बताया और इसे पूरी तरह जन विरोधी करार दिया है। कहा कि बजट में बढ़ती महंगाई और बेरोजगारी को नजरअंदाज किया गया है। बजट से गरीब, नौकरी पेशा और मध्यम वर्ग और किसानों की जेब खाली रहने के साथ युवाओं की आशा टूटेगी। खपत बढ़ाने के लिए छोटे उद्योग के विकास को कुछ नहीं है। राठौर ने इसे लोक लुभावना बताया और कहा कि बजट पूरी तरह दिशाहीन है। इससे न तो देश की अर्थव्यवस्था में कोई सुधार होगा और न ही देश की विकास दर हासिल होगी।
बजट में मेहनतकश लोगों की अनदेखी : ओंकार
बजट से कर्मचारियों में भारी निराशा : चौहान
प्रदेश संयुक्त कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष वीरेंद्र चौहान ने बजट को कर्मचारियों के लिए निराशा भरा बताया है। उन्होंने कहा कि जब केंद्र व प्रदेशों में नया वित्त आयोग जारी किया गया, तब तक टैक्स की स्लैब में दोगुना बढ़ोतरी हुआ करती थी। नया पे कमीशन लागू होने से कर्मचारियों की वेतन वृद्धि होने के कारण कर्मचारियों को ज्यादा राशि टैक्स के रूप में ना देनी पड़े, इसलिए केंद्र सरकार की ओर से टैक्स की स्लैब में वृद्धि कर कर्मचारियों को टैक्स में छूट का प्रावधान रखा जाता आया है। टैक्स स्लैब दोगुना होने की आशा थी, लेकिन केंद्र की ओर से किसी तरह की टैक्स स्लैब में वृद्धि नहीं की गई।
वन क्लास वन चैनल से लाभान्वित होंगे विद्यार्थी : पुंडीर
हिमाचल प्रदेश शिक्षक महासंघ ने बजट का स्वागत किया है। महासंघ के प्रांत महामंत्री डॉ. मामराज पुंडीर ने कहा कि पहली कक्षा से बारहवीं कक्षा तक क्षेत्रीय भाषाओं में पूरक शिक्षा प्रदान करने के लिए वन क्लास वन टीवी चैनल की संख्या 12 से बढ़ाकर 200 होने से विद्यार्थी लाभान्वित होंगे। एनपीएस के तहत योगदान राशि को केंद्र सरकार के कर्मचारियों के बराबर लाने से कर्मचारियों को लाभ होगा। उन्होंने कहा कि बजट देश को आर्थिक रूप से मजबूत करने वाला है।
व्यावसायिक नियमों में छूट का उद्यमियों ने किया स्वागत
वहीं, केंद्रीय बजट में सरकार ने उद्योगों को ईज ऑफ डूइंग के लिए नियमों में छूट देने की बात कही है। सरकार ने आने वाले समय में स्वयं प्रमाणित करने को बढ़ावा देकर लोगों व उद्योगपतियों पर विश्वास जताया है। कोरोना काल में उद्योगों की सुविधा के लिए जो भी योजनाएं चलाई थीं, उन्हें इस बजट में जारी रखा तथा इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने लिए सरकार ने जोर दिया है।
उद्योगों के उत्थान के लिए चलाई गईं योजनाएं जारी : गुलेरिया
बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ उद्योग संघ के अध्यक्ष राजेंद्र गुलेरिया ने कहा कि केंद्रीय बजट में सरकार की कोरोना काल के दौरान उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए जो योजनाएं चलाई थीं, उन्हें जारी रखा गया है। जैसे बैंकों के माध्यम से इमरजेंसी क्रेडिट लाइन योजना को 2023 तक कर दिया है। पीएलआई योजना का दायरा व उसके बजट को बढ़ा दिया है। उद्योगों में तैयार होने वाला उत्पाद सुरक्षित व सस्ता एक से दूसरे स्थान तक पहुंचे, इसके लिए लॉजेस्टिक इंफ्रास्ट्रक्चर को बड़े स्तर पर बढ़ाने की घोषणा की गई है। इंफ्रास्ट्रक्चर पर पहले 15 हजार करोड़ रुपये बजट में रखा था, लेकिन इस वर्ष एक लाख करोड़ रुपये बजट का प्रावधान किया है। इससे बाजार में मांग बढ़ेगी और लोगों को रोजगार मिलेगा।
इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने पर दिया गया जोर : शैलेष
सीआईआईए के हिमाचल चैप्टर के अध्यक्ष शैलेष अग्रवाल ने बताया कि केंद्रीय बजट में हिमाचल के औद्योगिक क्षेत्र के लिए कोई खास घोषणा नहीं हुई है। हालांकि, बजट में इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने पर जोर दिया गया है। लेकिन उद्योगों के लिए विशेष रूप से कोई घोषणा नहीं की गई है। सरकार आयकर में छूट दे सकती थी। लोगों को मकान खरीदने में भी रियायत दे सकती थी, लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ।
बिना गारंटी वाले लोन की तिथि बढ़ाने से छोटे उद्योग खुश : जैन
लघु उद्योग भारती के प्रदेश उपाध्यक्ष सुरेंद्र जैन ने कहा कि केंद्रीय बजट में एमएसएमई के लिए कुछ घोषणाएं की हैं, जिससे लघु उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा। बजट में बिना गारंटी वाले लोन की तिथि बढ़ाई है। इसके साथ ही छह हजार करोड़ रुपये का प्रावधान रखा गया है। उन्होंने कहा कि आयकर के स्लैब में कोई छूट नहीं दी है। साथ ही कोरोना काल के दौरान घाटे में गईं कंपनियों को छूट नहीं दी है।
नए हाईवे बनने से घटेगी ट्रकों के रखरखाव की लागत
एशिया की सबसे बड़ी ट्रक यूनियन नालागढ़ के ट्रक संचालक कृष्ण कुमार ने कहा कि बजट में 25 हजार किमी नए हाईवे तैयार करने का प्रावधान रखा गया है। इससे ट्रक संचालकों को अपने ट्रकों के रखरखाव में कम खर्चा आएगा। सामान भी सुरक्षित एक से दूसरे स्थान पर जाएगा। शिक्षा को लेकर ई-एजुकेशन चैनल चालू करने की बात बजट में कही गई है।
नेता प्रतिपक्ष ने केंद्रीय बजट को बताया शून्य बजट
वहीं, नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने केंद्रीय बजट को शून्य बजट करार दिया है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय बजट में हिमाचल को निराशा मिली है। हिमाचल को कुछ न मिलने के लिए सीधे तौर पर सीएम जयराम ठाकुर जिम्मेवार हैं। सीएम जयराम ठाकुर हिमाचल की पैरवी केंद्र से नहीं कर पाए हैं। यही वजह है कि केंद्रीय बजट में हिमाचल को ठेंगा मिला है। इस बार औपचारिकता का बजट पेश किया गया है। ऊना में पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत में बजट में टिप्पणी करते हुए मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि टैक्स स्लैब, कर्मचारी, बागवान, किसान के लिए कुछ नहीं मिला है।
किसी भी वर्ग को राहत नहीं मिली है। केंद्रीय बजट में न फोरलेन, न हवाई पट्टी और न ही रेल को लेकर कुछ कहा गया है। कहा कि सीएम दिल्ली में जाकर कैसी पैरवी करते रहे कि हिमाचल को कुछ मिला ही नहीं। हर बार दिल्ली से बेरंग लौटे और बजट में सौगात की बातें करते रहें, लेकिन बजट ने तो हिमाचल को निराश किया है। बजट में पर्यटन, उद्योग व कोई आर्थिक पैकेज कोई सौगात नहीं दी गई है। हर चरण में सरकार नाकाम साबित हुई है।
60 यूनिट निशुल्क बिजली दिखावा
मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि 108 व 102 एंबुलेंस सर्विस के लिए हिमाचल में कोई एजेंसी नहीं है। वाया बिहार एजेंसी लाई जा रही है। कहा कि एनएचएम कर्मी, 108 व 102 कर्मियों का मामला बजट सत्र में उठाया जाएगा। कहा कि 60 यूनिट निशुल्क बिजली दिखावा है। इसके जरिये चैंपियन बनने की कोशिश की जा रही है।