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कृषि मंत्री ने कांग्रेस पर साधा निशाना- दिन में आम जनता का रोना, रात को परिवार की चिंता

Sat, 06 Oct 2018 09:29 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला Updated Sat, 06 Oct 2018 09:29 AM IST
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Union Agriculture Minister Radha Mohan Singh Statement in CPRI Shimla

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री राधा मोहन सिंह ने कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा। कहा कि सत्ता में रहकर 65 साल राज करने वाले दिन में जनता का दुख दर्द रोते थे और रात को परिवार के भविष्य और कुर्सी की चिंता सताती रही।

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के उज्ज्वल भविष्य के लिए योजनाएं बना रहे हैं। कुछ लोग अपने परिवार के लिए योजना बना रहे हैं। केंद्रीय मंत्री सीपीआरआई के 70वें स्थापना दिवस समारोह में मुख्यातिथि थे। कहा कि महात्मा गांधी ने 1947 से पहले अंतरिम सरकार बना दी थी।
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उन्होंने गांवों में जाकर किसानों की नाजुक स्थिति का जायजा लिया। यह विवरण एक व्यक्ति कागजों में उतारता रहा, जो देश के पहला कृषि मंत्री बने और नाम था डॉ. राजेंद्र प्रसाद। मंत्री बनने के बाद उनकी एक नहीं सुनी और किसानों को उनके हाल पर छोड़ दिया गया।
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वित्तीय बोझ में दबते चले गए किसान

Union Agriculture Minister Radha Mohan Singh Statement in CPRI Shimla

कृषि मंत्री रामलाल मारकंडा ने कहा कि केंद्रीय मंत्री ने हिमाचल के लिए कई कृषि और बागवानी योजनाएं मंजूर की हैं। सीपीआरआई के निदेशक एसके चक्रवर्ती ने संस्थान की गतिविधियों से अवगत कराया।

अतिथियों को स्मृति चिन्ह और शॉल, टोपी पहनाकर सम्मानित किया। सीपीआरआई की आलू की तीन किस्मों सहित कई पुस्तकों का विमोचन भी किया गया। संस्थान के वैज्ञानिकों और कर्मचारियों को बेहतर कार्य के लिए सम्मानित किया गया। 

स्वामीनाथन रिपोर्ट का जिक्र कर गए मंत्री

Union Agriculture Minister Radha Mohan Singh Statement in CPRI Shimla

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि स्वामीनाथन ने अपने एक लेख में स्पष्ट किया है कि 2008 में कृषि और किसान परिवारों के हितों में अहम सुझाव दिए थे। राष्ट्रीय किसान आयोग बनाने, किसानों की आय में वृद्धि को किसान योजनाएं लागू करने की सिफारिश की थी।

स्वामीनाथन रिपोर्ट प्रस्तुत 2006 में हुई थी। इसके आधार पर काफी कम काम हुआ। पहले 8 लाख मीट्रिक टन दालें खरीदीं। वर्तमान में तय मूल्य से नीचे दाम जाते ही 75 लाख 37 हजार टन दालें किसानों से खरीदीं।

पहले 3500 करोड़ की बैंक गारंटी खरीद के लिए देते थे। अब 35000 हजार करोड़ की बैंक गारंटी देते हैं। 2013-14 में 300 करोड़ का बजट था और अब यह 15,054 करोड़ का है।

गांवों की आठ करोड़ महिलाओं को मुफ्त गैस दी जा रही है। लोगों को शौचालय बनाकर दे रहे हैं। पहले 24 लाख आयकर देते थे और अब 6 करोड़ रिटर्न भरते हैं। 

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