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फसली नुकसान पर राहत मांगने पर केंद्रीय मंत्री बोले, फसल बीमा योजना लागू करते

Sat, 06 Oct 2018 09:30 AM IST
विपिन काला, अमर उजाला, शिमला
विपिन काला, अमर उजाला, शिमला Updated Sat, 06 Oct 2018 09:30 AM IST
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Union Agriculture and Farmer Welfare Minister Radha Mohan Singh statement shimla

केंद्रीय आलू अनुसंधान केंद्र में बागवानी मंत्री महेंद्र सिंह ने केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री राधा मोहन सिंह के समक्ष भारी बारिश से फसलों को हुए नुकसान का मामला उठाया। इस पर केंद्रीय मंत्री ने महेंद्र सिंह को करारा जवाब देते हुए कहा- किसानों-बागवानों के लिए फसल बीमा योजना लागू करते।

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उन्होंने कहा कि जैसे केंद्र ने आपदा प्रभावितों के लिए अलग राहत कोष बनाया है। उसी प्रकार मुख्यमंत्री राहत कोष भी हैै। प्रभावितों को मुख्यमंत्री राहत कोष से भी राहत दी जा सकती है। प्रधानमंत्री आपदा राहत कोष से भी मदद ले सकते हैं।
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सरकार को मेमोरेंडम के माध्यम से मामला उठाना होगा। इसके बाद केंद्र से टीम जायजा लेगी। इसके आधार पर राहत दी जाएगी। केंद्रीय मंत्री ने परोक्ष रूप से स्पष्ट कर दिया कि अगर किसानों और बागवानों को फसली नुकसान हुआ है तो इससे पहले फसल बीमा योजना लागू की जाती।
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सीपीआरआई के 70वें स्थापना दिवस पर शुक्रवार को कार्यक्रम में बागवानी मंत्री महेंद्र सिंह ने कहा कि भारी बारिश से लाहौल-स्पीति, किन्नौर और कुल्लू में आलू बीज सहित अन्य फसलें तबाह हो गई हैैं। 

Union Agriculture and Farmer Welfare Minister Radha Mohan Singh statement shimla

सेब के साथ अन्य फलदार पेड़ भी नष्ट हो गए हैं। केंद्र से हिमाचल के लिए कृषि और बागवानी के करोड़ों के प्रोजेक्ट मंजूर हुए हैं। भारी बारिश से इन जिलों के बागवानों-किसानों को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचा है। 

इस पर केंद्रीय कृषि मंत्री बोले - केंद्र सरकार ने किसानों-बागवानों के लिए फसल की पैदावार से पहले और पकने के बाद होने वाले नुकसान की भरपाई को फसल बीमा योजना शुरू की है। किसानों के लिए फसल बीमा योजना लागू करने का दायित्व राज्य सरकारों का है।

फसल बीमा योजना लागू करने के लिए किसानों से न्यूनतम बीमा प्रीमियम लिया जाता है। शेष राशि का कुछ हिस्सा केंद्र और राज्य सरकार वहन कहती है। योजना में किन फसलों को लाया जाना है, यह भी राज्य सरकार को अधिसूचित करना होता है। 

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