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उम्मीद की मशाल: मोनिका सिंह बनी गरीब बच्चों और असहाय लोगों का सहारा

Mon, 23 Jan 2023 02:11 PM IST
अरविन्द ठाकुर संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना Published by: अरविन्द ठाकुर Updated Mon, 23 Jan 2023 02:11 PM IST
सार

मोनिका सिंह शिक्षा के क्षेत्र में गरीब बच्चों को पठन सामग्री और अन्य सामान देकर सहायता कर रही हैं। जबकि घर में लाचार पड़े मरीजों के उपचार में भी जरूरत के अनुसार आर्थिक सहायता देकर मदद कर रही हैं।

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मोनिका सिंह - फोटो : संवाद

विस्तार

जिला मुख्यालय की मोनिका सिंह गरीब बच्चों और असहाय लोगों के लिए बड़ा सहारा बनकर उभरी हैं। जिले में कहीं भी गरीब बच्चों और असहाय लोगों की सूचना पाकर वह मौके पर पहुंच जाती हैं। वास्तु स्थिति और सारी चीजें जानने के बाद वह मदद करती हैं। उनका जज्बा है कि दो सालों में उन्होंने करीब 1,500 विद्यार्थियों की फीस भरकर उन्हें शिक्षित किया है। इनमें बीएड, बीसीए समेत अन्य कई कोर्स करने वाले विद्यार्थी शामिल हैं।

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मोनिका सिंह अद्वैता फाउंडेशन के जरिये शिक्षा, स्वास्थ्य और पर्यावरण के क्षेत्र में काम करती है। विद्यार्थियों और महिलाओं को कानूनी जानकारियां देने के लिए भी शिविर लगवाकर उन्हें जागरूक कर रही हैं। शिक्षा के क्षेत्र में गरीब बच्चों को पठन सामग्री और अन्य सामान देकर सहायता कर रही हैं। जबकि घर में लाचार पड़े मरीजों के उपचार में भी मोनिका सिंह जरूरत के अनुसार आर्थिक सहायता देकर मदद कर रही हैं।
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पर्यावरण क्षेत्र में अद्वैता फाउंडेशन के माध्यम से हर साल 1,500 पौधे लगाने का लक्ष्य मोनिका ने रखा है। वह खुद पौधरोपण करने के अलावा अन्य लोगों को भी प्रेरित कर रही हैं। हर साल अभियान चलाकर लोगों को निशुल्क पौधे बांटने के अलावा उन्हें पौधे रोपित करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। शिक्षा के क्षेत्र में मोनिका का लक्ष्य है कि इस साल एक गरीब बच्चे को डॉक्टर बनाना है। नीट पास कर चुके बीपीएल परिवार के एक बच्चे की फीस उनकी तरफ से भरी जाएगी।
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इसमें पहली प्राथमिकता अनाथ बच्चे, बिना पिता के गरीब बच्चे की रहेगी। यदि इस श्रेणी में बच्चा नहीं होगा तो फिर बीपीएल परिवार को तवज्जो दी जाएगी। संस्था के साथ कुछ लोग जुड़े हैं जो सक्रियता के साथ काम करते हैं इनके सहयोग से ही सारा काम संभव हो पाता है। समाज की बेहतरी के लिए कुछ किया जा सके तो यह उन्हें खुशी प्रदान करता है। अभी भी कुछ स्कूल में गरीब बच्चों के पास सर्दी में स्वेटर और जूते नहीं मिलने की सूचना मिली है।

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