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उम्मीद की मशाल: फूलों से होने वाली आय को जरूरतमंद बच्चों की पढ़ाई पर खर्च करते हैं बीएस भट्ट
Mon, 09 May 2022 11:07 AM IST
अरविन्द ठाकुर
संवाद न्यूज एजेंसी, चंबा
संवाद न्यूज एजेंसी, चंबा
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Mon, 09 May 2022 11:07 AM IST
सार
कृषि उपनिदेशक के पद से सेवानिवृत्त होने के बाद बीएस भट्ट ने घर में ही फूलों की खेती करने की सोची। इन फूलों से होने वाली आय को उन्होंने विद्यार्थियों की शिक्षा पर खर्च करने का मन बनाया।
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बीएस भट्ट
- फोटो : संवाद
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विस्तार
फूलों की खेती कर चंबा के सेवानिवृत्त अधिकारी ने मिसाल कायम की है। खास बात यह है कि फूल बेचकर अर्जित की गई आय से वे आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद विद्यार्थियों को पठन सामग्री वितरित करते हैं। वर्ष 2020 में सेवानिवृत्त हुए बीएस भट्ट हरदासपुरा वार्ड के मोहल्ला मुगला के रहने वाले है।
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कृषि उपनिदेशक के पद से सेवानिवृत्त होने के बाद उन्होंने घर में ही फूलों की खेती करने की सोची। लॉकडाउन की अवधि में घर पर फूलों की खेती शुरू की। धीरे-धीरे फूलों की मात्रा बढ़ती गई। इसके बाद उन्होंने फूल विक्रेताओं से संपर्क साधा। इन फूलों से होने वाली आय को उन्होंने विद्यार्थियों की शिक्षा पर खर्च करने का मन बनाया। जिला मुख्यालय में मंगलवार को उन्होंने 12 ऐसे बच्चों को पठन सामग्री बांटी, जिनकी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है।
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उन्होंने सभी सुविधा संपन्न परिवारों से आह्वान किया कि जरूरतमंदों की सहायता के लिए आगे आएं। जब वे मार्केट कमेटी में कार्यरत थे तो केंद्र सरकार ने ई-नेम कार्यक्रम लांच किया। इसमें सब्जी मंडियों को डिजिटल किया जाना था। उन्होंने चंबा सब्जी मंडी को तीन माह में डिजिटल करवाया। इसके लिए चंबा को दूसरा स्थान मिला।
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फूलों की इन किस्मों की कर रहे खेती
सेवानिवृत्त उपनिदेशक बीएस भट्ट ने बताया कि गर्मी और सर्दी के मौसम में होने वाली फूलों की पैदावार वे कर रहे हैं। इनमें ऑरनामेंटल, गेंदा, पटूनिया, बिनका सदाबहार फूल, पेंजी, सेलविया, कोक्सकोम, गोम्फ्रेना, गुलाब की किस्में शामिल हैं। इसमें उनकी पत्नी अनीता भट्ट भी सहयोग करती हैं।