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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Ukraine-Russia War: Four girls of Una became emotional as soon as they returned home, even the family could not stop the tears

Ukraine-Russia War: यूक्रेन से लौटते ही भावुक हो गईं ऊना की चार छात्राएं, परिजन भी नहीं रोक पाए आंसू

Wed, 02 Mar 2022 09:18 PM IST
Krishan Singh संवाद न्यूज एजेंसी, गगरेट (ऊना)
संवाद न्यूज एजेंसी, गगरेट (ऊना) Published by: Krishan Singh Updated Wed, 02 Mar 2022 09:18 PM IST
सार

 हिमाचल प्रदेश के जिला ऊना की चार छात्राएं बुधवार को दिल्ली एयरपोर्ट पर पहुंचीं। इनमें गगरेट क्षेत्र के अंबोआ की विभारिका व शुभांगिनी, डंगोह की अनिका कौशल और झलेड़ा की चारू सरोआ शामिल हैं। चारों छात्राएं यूक्रेन में एक ही यूनिवर्सिटी में पढ़ रही हैं। 

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Ukraine-Russia War: Four girls of Una became emotional as soon as they returned home, even the family could not stop the tears
ऊना की चार छात्राएं वतन लौटीं। - फोटो : संवाद

विस्तार

यूक्रेन से सकुशल वतन लौटीं छात्राएं भारत की जमीन पर कदम रखते ही भावुक हो गईं। दिल्ली एयरपोर्ट पर बेटियों को लेने के लिए पहुंचे अभिभावक भी अपने आंसू नहीं रोक पाए। हिमाचल प्रदेश के जिला ऊना की चार छात्राएं बुधवार को दिल्ली एयरपोर्ट पर पहुंचीं। इनमें गगरेट क्षेत्र के अंबोआ की जुड़वां बहनें विभारिका व शुभागनी, डंगोह की अनिका कौशल व झलेड़ा की चारू सरोआ शामिल हैं। दिल्ली से ऊना आते हुए श्री आनंदपुर साहिब में एक छात्रा के नानी के घर सकुशल पहुंचने पर परिजनों ने केक भी काटा। यूक्रेन से लौटी छात्राओं के अनुसार समूचे यूक्रेन में युद्ध का प्रभाव तो है लेकिन जहां वे पढ़ाई कर रही थीं, उस इलाके में युद्ध का ज्यादा प्रभाव नहीं था। छात्राओं ने बताया कि वे अपने हॉस्टल में महफूज थीं और वहां खाने-पीने की भी उचित व्यवस्था थी। उनके अनुसार वह बीते मंगलवार को हंगरी के वुडापेस्ट पहुंच गए थे।

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बॉर्डर तक यूनिवर्सिटी की बसों से पहुंचाया गया। यहां से भारतीय एंबेसी ने एयरपोर्ट तक पहुंचाने की व्यवस्था की थी।  छात्राओं के अनुसार भारतीय विद्यार्थियों को निकालने के लिए उचित प्रबंध किए गए थे, लेकिन कहीं न कहीं मन मे भविष्य की चिंता सता रही थी। छात्राओं ने बताया कि जिन शहरों में युद्ध का अधिक प्रभाव है, वहां के हालत बहुत खराब हैं। अभी भी हजारों विद्यार्थी वहां फंसे हुए हैं। बॉर्डर व एयरपोर्ट पर भी अभी हजारों विद्यार्थी अपनी वापसी का इंतजार कर रहे हैं। विभारिक व शुभांगनी के पिता विकास परमार ने बताया कि भारत सरकार विद्यार्थियों को निकालने के लिए बेहतरीन प्रयास किए जा रहे हैं। वहीं, अनिका कौशल के पिता प्रवीण कौशल ने बताया कि भारत सरकार व भारतीय दूतावास के सार्थक प्रयासों से उनके बच्चे अपने घर सकुशल पहुंच सके हैं।

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