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Scholarship Scam: हिमाचल के बहुचर्चित छात्रवृत्ति घोटाले में 10 आरोपियों के खिलाफ अनुपूरक चालान पेश
Fri, 27 Oct 2023 08:00 PM IST
Krishan Singh
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Fri, 27 Oct 2023 08:00 PM IST
सार
बहुचर्चित छात्रवृत्ति घोटाले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने शुक्रवार को अदालत में 10 आरोपियों के खिलाफ अनुपूरक चालान पेश किया।
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छात्रवृत्ति घोटाला(सांकेतिक)
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
हिमाचल प्रदेश के 250 करोड़ रुपये से ज्यादा के बहुचर्चित छात्रवृत्ति घोटाले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने शुक्रवार को अदालत में 10 आरोपियों के खिलाफ अनुपूरक चालान पेश किया। पेश किए गए दो अलग-अलग चालानों में पहले में छह और दूसरे में छह आरोपियों का नामजद किया गया है। इनमें निजी शैक्षणिक संस्थानों के निदेशक, कर्मचारी, उच्च शिक्षा निदेशालय के तत्कालीन अधिकारी सहित अन्य व्यक्ति शामिल हैं। आरोप है कि कुछ निजी संस्थानों ने उच्च शिक्षा निदेशालय के एक तत्कालीन अधिकारी के साथ मिलकर अनुसूचित जाति (एससी), अनुसूचित जनजाति (एसटी) और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के विद्यार्थियों के नाम पर फर्जी तरीके से छात्रवृत्ति की सारी राशि को हड़प लिया।
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जांच के दौरान ऐसे 28 संस्थानों की पहचान की गई है। सीबीआई ने जांच दायरे में आए आरोपियों के 30 ठिकानों में दबिश भी दी थी और कई दस्तावेजों को बरामद किया था। इसके साथ ही करोड़ों रुपये के इस घोटाले में अब तक 19 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। छानबीन में मिले साक्ष्य के आधार पर सीबीआई 16 निजी संस्थानों के खिलाफ आठ आरोप पत्र अदालत में दायर कर चुकी है। इन आठ आरोप पत्रों में 78 आरोपियों काे नामजद किया गया है।
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उल्लेखनीय है कि हिमाचल प्रदेश के बहुचर्चित 250 करोड़ के छात्रवृत्ति घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने भी चार आरोपियों को गिरफ्तार किया था। ये गिरफ्तारियां धन शोधन निवारण अधिनियम 2002 के प्रावधानों के तहत की गई थीं। इनमें एएसएएमएस एजुकेशन ग्रुप के पार्टनर राजदीप जोसन और कृष्ण कुमार, केसी ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट पंडोगा के उपाध्यक्ष हितेश गांधी और प्रदेश उच्च शिक्षा निदेशालय की छात्रवृत्ति शाखा के तत्कालीन अधिकारी अरविंद राजटा शामिल थे। गिरफ्तार आरोपियों को विशेष न्यायालय पीएमएलए शिमला में पेश किया गया था।
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