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Shimla: कुपवी के गांवखर स्कूल के दो कमरे बन गए खंडहर, दो में लग रहीं छह कक्षाएं

Mon, 11 Aug 2025 01:41 PM IST
Krishan Singh दीपक सूद, संवाद न्यूज एजेंसी, नेरवा (रोहड़ू)
दीपक सूद, संवाद न्यूज एजेंसी, नेरवा (रोहड़ू) Published by: Krishan Singh Updated Mon, 11 Aug 2025 01:41 PM IST
सार

 शिमला जिले के उपमंडल कुपवी की पंचायत बाबत के प्राथमिक पाठशाला गांवखर के दो कमरे खस्ताहाल हो चुके हैं। 

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Two rooms of Gaonkhar school of Kupvi have become ruins, six classes are being held in two rooms
कुपवी के गांवखर स्कूल के दो कमरे बन गए खंडहर - फोटो : संवाद

विस्तार

हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले के उपमंडल कुपवी की पंचायत बाबत के प्राथमिक पाठशाला गांवखर के दो कमरे खस्ताहाल हो चुके हैं। इन कमरों में अब पढ़ाई संभव नहीं है। इस स्कूल में विद्यार्थियों की संख्या में 40 है। उनको बैठने के लिए अब मात्र दो नए कमरे हैं। सरकार एक ओर स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या को बढ़ाने के लिए प्रदेश स्तर पर अभियान चला रही है, वहीं 40 बच्चों वाले स्कूल में बैठने को पर्याप्त स्थान नहीं है। स्कूल में 28 बच्चे प्राइमरी वर्ग में और 12 बच्चे प्री प्राइमरी कक्षा में है। इन नौनिहालों के लिए शौचालय तक की कोई व्यवस्था नहीं है।

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पुराना शौचालय खंडहर हो चुका है। वर्ष 1996 में खुली इस इस पाठशाला में कुल मिलाकर चार कमरे और एक शौचालय था। दो कमरों का निर्माण 1998 में हुआ, वह पूरी तरह से खराब हालत में हैं। इसके बाद दो कमरों का निर्माण 2006 में हुआ। उसमें ही 6 कक्षाओं के छात्रों को बिठाया जा रहा है। जेबीटी टीचर हेत राम शर्मा ने बताया कि दो कमरों में छह कक्षाएं बिठाने के कारण वह पढ़ाई ढंग से नहीं करवा पाते हैं। शौचालय चालू हालत में न होने के कारण खासकर छात्राओं को परेशानी होती है। इन सभी समस्याओं को कुपवी स्थित बीईईओ कार्यालय को इससे अवगत करवा चुके हैं। 

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जल्द किया जाएगा समस्या का समाधान : भलूनी
शिक्षा उपनिदेशक प्रारंभिक शिक्षा विभाग शिमला निशा भलूनी ने बताया कि इस मामले को लेकर कार्यालय से एक कर्मचारी को उक्त भवन का निरीक्षण करने के लिए मौके पर भेज दिया है। जल्द इस समस्या का समाधान कर दिया जाएगा। बाबत पंचायत के पूर्व प्रधान पदम शर्मा ने बताया कि दूरदराज के इस क्षेत्र में सरकारी स्कूल ही शिक्षा का एकमात्र साधन है। यहां कोई प्राइवेट स्कूल नहीं है। इस कारण विद्यार्थियों को सरकारी स्कूलों में ही शिक्षा ग्रहण करनी पड़ती है। वह इस पाठशाला के भवन का मुद्दा कई बार संबंधित अधिकारियों के समक्ष उठा चुके हैं। 

एसएमसी प्रधान गुलाब सिंह ने बताया कि सभी औपचारिकताएं पूरी कर फाइल कुपवी बीईईओ के कार्यालय भेज चुके हैं। बीईईओ कुपवी तुलसी राम का कहना है कि एसएमसी प्रधान को भवन और शौचालय की फोटो, विद्यार्थियों की संख्या, पाठशाला की जमीन का पर्चा समेत ततीमे की फाइल बनाकर उन्हें भेजने को कहा था, जो अभी तक नहीं भेजी है।

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