गुड़िया केस: निशाने पर आए दो और संदिग्ध, सीबीआई ने लिए ब्लड सैंपल
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गुड़िया प्रकरण में दो और संदिग्धों के ब्लड सैंपल आईजीएमसी शिमला में लिए गए। सीबीआई बुधवार को दो संदिग्धों को लेकर अस्पताल पहुंची थी। इससे पहले सीबीआई ने आईजीएमसी प्रबंधन से पीटरहॉफ में सैंपल लेने के लिए टीम भेजने को कहा
लेकिन, प्रबंधन ने उनसे आग्रह किया कि इस समय अस्पताल से किसी को भेजना मुमकिन नहीं है। इस पर सीबीआई दो संदिग्धों को लेकर अस्पताल आई। एक डाक्टर ने दोनों संदिग्धों के ब्लड सैंपल लेकर सीबीआई को सौंप दिए।
इसके बाद सीबीआई संदिग्धों को लेकर लौट गई। इन सैंपल की टेस्टिंग सीबीआई अपने स्तर पर करेगी। दोनों संदिग्ध बाहरी राज्य के बताए जा रहे हैं। अब तक सीबीआई कई संदिग्धों के सैंपल ले चुकी है।
ब्रेनमैपिंग पर टिकी है सीबीआई की जांच
गुड़िया दुराचार एवं हत्याकांड मामले की छानबीन में देरी करने और नतीजे तक नहीं पहुंच पाने पर हिमाचल हाईकोर्ट ने फिर सीबीआई को फटकार लगाई है। हाईकोर्ट ने नाराजगी जताते हुए कहा कि हिमाचल के लाखों लोगों की उम्मीद भरी नजरें सीबीआई की जांच पर टिकी हैं।
सीबीआई ने कोर्ट में दलील दी कि मामले में पहले से पकड़े आरोपियों से सच उगलवाने के लिए अहमदाबाद में ब्रेन मैपिंग टेस्ट करवाना है। रिपोर्ट आने में वक्त लगेगा, जिसके लिए उन्हें जांच पूरी करने में और समय चाहिए। सीबीआई ने चार हफ्ते का समय मांगा, लेकिन हाईकोर्ट ने दो सप्ताह का समय दिया है। मामले की सुनवाई 21 सितंबर को तय की गई है।
कोर्ट ने पूछा, अमर उजाला को कैसे पता चला कि सीबीआई समय मांगेगी ?
कोर्ट ने सुनवाई के दौरान मौखिक रूप से सीबीआई से पूछा कि अमर उजाला को पहले ही कैसे पता चल गया कि सीबीआई हाईकोर्ट में जांच पूरी करने के लिए और वक्त मांगेगी।
हाईकोर्ट, सीबीआई से इस बात पर नाराज थी कि उसने जांच को निर्धारित दो हफ्तों के अंदर पूरा नहीं किया। सीबीआई को अगर जांच पूरी करने के लिए और वक्त चाहिए था तो उसे कोर्ट में पहले ही आवेदन करना चाहिए था।