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राज्यपाल के ड्रीम प्रोजेक्ट पर दो विधायकों ने उठाए सवाल
हरीश चंद्र,अमर उजाला, धर्मशाला
Updated Tue, 27 Nov 2018 01:46 PM IST
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राज्यपाल आचार्य देवव्रत के ड्रीम प्रोजेक्ट शून्य लागत प्राकृतिक खेती को भले ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत पूरे देश में सराहना मिल रही हो, लेकिन प्रदेश के दो विधायकों ने इस योजना पर सवाल उठाए हैं। देहरा से निर्दलीय विधायक होशियार सिंह और नगरोटा बगवां से भाजपा विधायक अरुण मेहरा कूका ने यूरिया खाद का बजट शून्य लागत योजना में शिफ्ट करने का विरोध किया।
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धर्मशाला में सोमवार को आयोजित जिलास्तरीय अनुसूचित जाति उप योजना की समीक्षा बैठक में कृषि विभाग के अधिकारी वार्षिक बजट का ब्योरा रखा, तो अधिकारी ने कहा कि एक हेड का बजट अब शून्य लागत प्राकृतिक खेती परियोजना में शिफ्ट किया गया है, जिस पर दोनों विधायकों ने कहा कि शून्य लागत प्राकृतिक खेती अभी 15 साल बाद सूबे में शुरू होगी, तब तक क्या किसान खेती करना छोड़ दें। उन्होंने कहा कि शून्य लागत खेती परियोजना के असर दूरगामी हैं। वहीं, जिला कांगड़ा अभी यूरिया खाद के ऊपर आधारित खेती हो रही है।
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विधायक कूका ने कहा कि उनके क्षेत्र से तो इस बार यूरिया खाद की डिमांड भी दोगुना गई है, ताकि किसान गेहूं की अधिक से अधिक पैदावार कर सकें। बता दें कि राज्यपाल के ड्रीम परियोजना शून्य लागत खेती के लिए जयराम सरकार ने विशेष बजट का प्रावधान किया है। परियोजना के तहत किसानों को शून्य लागत प्राकृतिक खेती करने का प्रशिक्षण कार्यक्रम भी शुरू हो गए हैं।
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