दो लाख कारोबारियों को अलर्ट, सील होंगी दुकानें
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हिमाचल प्रदेश के सवा दो लाख खाद्य कारोबारियों के लिए केंद्र ने चार फरवरी तक अंतिम मोहलत दी है। खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत अपना पंजीकरण न कराने वाले कारोबारियों के खिलाफ जुर्माने से लेकर उनकी दुकानें तक बंद कराई जा सकती हैं। इसका अनुपालन राज्य सरकार स्तर पर करना होगा।
केंद्र के इस आदेश के बाद सभी को नोटिस जारी कर दिया गया है। इसको लेकर प्रदेश के खाद्य कारोबारियों में हड़कंप मचा हुआ है। प्रदेश में तकरीबन तीन लाख फूड बिजनेस ऑपरेटर हैं। इनमें बड़े-बड़े होटल व्यवसायियों से लेकर छोटे दुकानदार भी शामिल हैं। इसके दायरे में स्कूलों के मिड-डे मिल को भी शामिल किया गया है।
हर किसी को खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत पंजीकरण कराना अनिवार्य है, लेकिन अभी तक प्रदेश में महज 75 हजार फूड बिजनेस ऑपरेटरों की ओर से ही स्वास्थ्य विभाग में पंजीकरण कराया गया है।
नहीं तो बंद हो सकती हैं दुकानें
अभी भी सवा दो लाख से अधिक फूड बिजनेस ऑपरेटरों की ओर से पंजीकरण नहीं कराया गया है। स्वास्थ्य सुरक्षा अधिनियम निदेशक रामेश्वर शर्मा ने बताया कि प्रदेश के सभी फूड बिजनेस ऑपरेटरों को चेता दिया गया है कि वे तय समय सीमा के भीतर अपना पंजीकरण करा लें। ऐसा न कराने की स्थिति में अब विभाग की ओर से सीधे तौर पर कार्रवाई करने के लिए बाध्य होना पड़ेगा।
हिमाचल प्रदेश में पर्यटन गतिविधियां अधिक हैं। इससे प्रदेश में फूड बिजनेस ऑपरेटरों की संख्या भी अधिक है। इसके मद्देनजर हर फूड बिजनेस ऑपरेटर का पंजीकरण और भी अनिवार्य हो गया है। इससे प्रत्येक फूड बिजनेस ऑपरेटर की जिम्मेदारी को सुनिश्चित करने में आसानी हो सके।