फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   Tug of war between IPH and Municipal corporation shimla.

पीने का पानी का वैकल्पिक बंदोबस्त करे आईपीएच: एमसी

Mon, 11 Jan 2016 02:12 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला Updated Mon, 11 Jan 2016 02:12 PM IST
विज्ञापन
Tug of war between IPH and Municipal corporation shimla.

नगर निगम ने सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग को दो महीनों के भीतर राजधानी शिमला के लिए पानी के वैकल्पिक बंदोबस्त का अल्टीमेटम दिया है। मेयर संजय चौहान ने दो टूक कहा है कि आईपीएच जो चाहे दावे करे नगर निगम शहर के लोगों को अश्वनीखड्ड का पीला पानी सप्लाई नहीं करेगा। नगर निगम का कहना है कि मार्च में स्कूल खुलने पर शहर में पानी की खपत बढ़ेगी, उससे पहले आईपीएच शहर के लिए पानी का वैकल्पिक बंदोबस्त करे।

विज्ञापन


अश्वनी के पानी पर एक बार फिर नगर निगम और आईपीएच में ठन गई है। नगर निगम ने आईपीएच से दो माह के भीतर शहर के लिए पानी का अतिरिक्त बंदोबस्त करने की मांग की है वहीं आईपीएच अश्वनी खड्ड के पानी की टेस्टिंग के बाद शहर को पानी की सप्लाई शुरू करने की तैयारी कर रहा है।
विज्ञापन


हालांकि आईपीएच ने अश्वनी खड्ड की विपरीत दिशा में कोटी और बरांडी नाले के साफ पानी को शिमला पहुंचाने के लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं। आईपीएच ने कोटी और बरांडी नाले से जलापूर्ति की संभावनाएं जांचने के लिए सर्वे का काम पूरा कर लिया है। इन दोनों नालों से शहर को रोजाना करीब पांच एमएलडी पानी की आपूर्ति हो सकती है।
विज्ञापन
विज्ञापन


नगर निगम शिमला के मेयर संजय चौहान ने कहा कि अश्वनी खड्ड के पानी में सीवरेज मिला होने के कारण शहर में पीलिया फैला है। नगर निगम अश्वनी खड्ड का पानी शहर के लोगों को सप्लाई नहीं करेगा। किसी भी सूरत में मार्च से पहले आईपीएच को शहर के लिए पानी का वैकल्पिक इंतजाम करना होगा।

आईपीएच के अधिशासी अभियंता विनोद कुमार ने कहा कि कोटी और बरांडी खड्ड के सर्वे का काम पूरा कर लिया है। जल्द ही इसका एस्टिमेट बना कर सरकार को भेज देंगे। अश्वनी खड्ड के टैंकों की सफाई हो चुकी है, चूना सूखने के बाद टैंकों में पानी डाला जाएगा। ट्रीटमेंट शुरू करने के बाद पानी की नियमित टेस्टिंग होगी।

राजधानी शिमला में साल दर साल पीलिया के मामले बढ़ रहे हैं। 2007 के बाद राजधानी शिमला में पीलिया के मामलों में भारी बढ़ोतरी हुई है। 2010, 2013 और अब 2015-16 में पीलिया भयंकर रूप से फैला है। अश्वनी खड्ड से शहर के जिन क्षेत्रों में पानी की आपूर्ति होती है वहां से पीलिया के अधिक मामले सामने आते हैं।


अश्वनी खड्ड से पानी की आपूर्ति बंद होने के बावजूद इन दिनों आईपीएच रोजाना शहर को 35 एमएलडी तक पानी की आपूर्ति दे रहा है। गिरि और गुम्मा परियोजना पर पानी की सप्लाई का पूरा दारोमदार है। मुख्य टैंकों में पानी की स्टोरेज के हिसाब से एमसी कुछ क्षेत्रों में एक दिन छोड़कर तो कहीं रोजाना पानी की सप्लाई कर रहा है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed