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वीरभद्र-धूमल की लड़ाई में कूदे केंद्रीय नेता
सुरेश शांडिल्य /अमर उजाला, शिमला
Updated Mon, 03 Aug 2015 10:31 AM IST
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हिमाचल प्रदेश की सियासी जंग अब दिल्ली से लड़ी जा रही है। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह और नेता प्रतिपक्ष प्रेम कुमार धूमल की इस लड़ाई में कांग्रेस और भाजपा दोनों ही पार्टियों के केंद्रीय नेता भी कूद गए हैं। दस दिन पहले केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह पर हमला बोला था। अब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री जयराम रमेश ने धूमल और उनके पुत्र सांसद अनुराग ठाकुर पर पलटवार किया है।
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हिमाचल की राजनीति अरसे से दो दिग्गज नेताओं वीरभद्र और धूमल पर केंद्रित रही है। दोनों ही हिमाचल की सियासत के दो धुव्र माने जाते हैं। दोनों नेता एक- दूसरे पर व्यक्तिगत आक्षेप लगाते रहे हैं। एक के सत्ता में आने पर दूसरे के खिलाफ जांच खुल जाती है। लेकिन अब इस सियासी लड़ाई का अखाड़ा दिल्ली बन गया है।
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भाजपा नेता रविशंकर प्रसाद, कांग्रेस के जयराम रमेश जैसे केंद्रीय नेता भी इसमें कूद गए हैं। 23 जुलाई को केंद्रीय संचार मंत्री रविशंकर प्रसाद ने दिल्ली में प्रेस वार्ता कर मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह पर उनके परिवार सहित भ्रष्टाचार में शामिल होने के गंभीर आरोप लगाए थे।
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सोनिया गांधी से उन्होंने मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह से इस्तीफा तक लेने को कहा। हालांकि, वीरभद्र सिंह ने जवाब में इन आरोपों को झूठे और उनकी छवि खराब करने का प्रयास करार दिया था। तब माना जा रहा था किभाजपा के केंद्रीय नेतृत्व को प्रदेश के पार्टी नेताओं से ही फीडबैक दिया जा रहा है।
अब दो अगस्त को कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं पूर्व केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री जयराम रमेश ने हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन मामले में पूर्व मुख्यमंत्री प्रेमकुमार धूमल और उनके सांसद पुत्र अनुराग ठाकुर पर भी भ्रष्टाचार के आरोप जड़े हैं। इसे दस दिन पहले दिल्ली में हुई रविशंकर प्रसाद के आरोपों के पलटवार के रूप में भी देखा जा रहा है।
माना जा रहा है कि इसकी पृष्ठ भूमि भी धूमल विरोधी प्रादेशिक नेताओं ने ही तैयार की है। हालांकि, नेता प्रतिपक्ष प्रेमकुमार धूमल ने भी ये आरोप बेबुनियाद बताए हैं। ऐसे में दोनों नेताओं की सियासी जंग आगामी दिनों में प्रदेश के सियासी रण में भी और तेज हो सकती है।