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Cement Plant Dispute: सीएम की अदाणी के सीईओ और मंत्री की ट्रक ऑपरेटरों के साथ बैठक फिर बेनतीजा

Tue, 14 Feb 2023 10:32 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो/संवाद, शिमला/बिलासपुर
अमर उजाला ब्यूरो/संवाद, शिमला/बिलासपुर Published by: Krishan Singh Updated Tue, 14 Feb 2023 10:32 PM IST
सार

 मंगलवार को शिमला सचिवालय में हुई बैठक में अदाणी कंपनी ने ट्रक ऑपरेटरों को मल्टी एक्सल ट्राले का 8.30 रुपये और ट्रक का 10 रुपये मालभाड़े का प्रस्ताव दिया। इस प्रस्ताव को ट्रक ऑपरेटरों ने सिरे से नकार दिया। बरमाणा के ट्रक ऑपरेटरों ने दो टूक कहा कि वे फार्मूले के हिसाब से बन रहा 12.04 रुपये मालभाड़ा ही लेंगे।

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truck operators statement on cement plants dispute meeting at shimla
सचिवालय में ट्रक ऑपरेटरों के प्रतिनिधि। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सीमेंट ढुलाई मालभाड़ा विवाद निपटाने के लिए मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की अदाणी कंपनी के सीईओ अजय कपूर और मंत्री हर्षवर्द्धन की ट्रक ऑपरेटरों के साथ हुई वार्ता एक बार फिर बेनतीजा रही। मंगलवार को शिमला सचिवालय में हुई बैठक में अदाणी कंपनी ने ट्रक ऑपरेटरों को मल्टी एक्सल ट्राले का 8.30 रुपये और ट्रक का 10 रुपये मालभाड़े का प्रस्ताव दिया। इस प्रस्ताव को ट्रक ऑपरेटरों ने सिरे से नकार दिया। बरमाणा के ट्रक ऑपरेटरों ने दो टूक कहा कि वे फार्मूले के हिसाब से बन रहा 12.04 रुपये मालभाड़ा ही लेंगे। बात न बनने पर अदाणी कंपनी के सीईओ वापस चले गए। उधर, बिलासपुर जिला ट्रक सभा (बीडीटीएस) के पदाधिकारियों ने एलान किया है कि वे आंदोलन को उग्र करेंगे और अदाणी समूह से निर्णायक जंग लड़ेंगे। इसके बुधवार को रणनीति बनाएंगे। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने सोमवार को एक-दो दिन में इस मामले को सुलझाने की बात की थी, लेकिन बात मंगलवार को भी नहीं बनी। पहले सीएम के साथ अदाणी कंपनी के सीईओ अजय कपूर के साथ बैठक हुई। उसके बाद ट्रक यूनियन के पदाधिकारियों के साथ अदाणी सीमेंट कंपनी के कलस्टर हेड मनोज कुमार की अलग-अलग बैठक हुई। ट्रक यूनियन के पदाधिकारियों से सीएम ने भी चलते-चलते बातचीत की।

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उन्हें एक और बैठक में जाना था, इसलिए सीएम ने उद्योग मंत्री हर्षवर्द्धन चौहान को इस बैठक में शामिल होने के लिए कहा। इस बैठक में अदाणी कंपनी के कलस्टर हेड ने ट्रक ऑपरेटरों को मल्टी एक्सल ट्राले के मालभाड़े का 8.30 रुपये और ट्रक का 10 रुपये प्रस्ताव दिया, जिसे बीडीटीएस के पदाधिकारियों ने ठुकरा दिया। बीडीटीएस पदाधिकारियों ने कहा कि साल 2005 में अदालत के आदेश पर शुक्ला कमेटी ने एक फार्मूला तय किया था, इसी फार्मूले के तहत आज तक मालभाड़ा तय किया जाता है। वर्तमान में इसी फार्मूले के अनुसार 12.04 रुपये प्रति किलोमीटर प्रति टन मालभाड़ा बनता है। यही मालभाड़ा सभी ट्रक ऑपरेटरों को मान्य है। उधर, बीडीटीएस के महासचिव प्रदीप ठाकुर ने कहा कि अदाणी कंपनी तानाशाही कर रही है। कंपनी जिस मालभाड़े का प्रस्ताव दे रही है, उससे ट्रक ऑपरेटरों को घाटा होगा। उन्होंने कहा कि अब अदाणी कंपनी से आर-पार की लड़ाई लड़ी जाएगी। आंदोलन को तेज किया जाएगा। इसकी रणनीति बुधवार को बरमाणा में बनाई जाएगी। उधर, मंत्री हर्षवर्द्धन ने कहा कि मामले का हल निकालने के लिए बुधवार या गुरुवार को फिर कंपनी और ऑपरेटरों के साथ बैठक करेंगे।
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बरमाणा में अनिश्चितकालीन धरना जारी
बरमाणा में चल रहा ट्रक ऑपरेटर का अनिश्चितकालीन धरना मंगलवार को चौथे दिन भी जारी रहा है। मंगलवार को बीडीटीएस के वार्ड नंबर-3 के सदस्य धरने पर बैठे। धरने में अदाणी समूह के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। इस दौरान बीडीटीएस पदाधिकारियों ने ट्रक ऑपरेटरों को संबोधित भी किया।
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अदाणी मनमर्जी नहीं कर सकते, झुकेंगे नहीं, छह माह और खड़े रहने के लिए तैयार

सोलन जिला ट्रक ऑपरेटर (एसडीटीओ) यूनियन के पूर्व प्रधान रामकृष्ण शर्मा ने कहा कि वे दो माह से मंच से कह रहे हैं कि हिमाचल प्रदेश के लोगों को कोई असुविधा नहीं होनी चाहिए। आने वाले समय में अदाणी को संदेश देना चाहते हैं कि वे हिमाचल प्रदेश को अपनी मर्जी से नहीं चला सकते। यहां करते होंगे, वहीं चलेगा। अदाणी इस बात को समझ लें कि हम झुकने वाले नहीं हैं। छह महीने के लिए और खड़े रहने को तैयार हैं। सरकार की ओर से काफी सारे मोर्चों पर घेराबंदी हुई है। माइनिंग लीज कैंसल करने के बारे में नोटिस जारी किए गए हैं।

मुद्दा यह है कि सरकार के बदलने से मुलाजिमों की तनख्वाह कम नहीं होती है। 2010 की स्टैंडिंग कमेटी का बनाया हुआ फार्मूला है। इस रेट पर तो टैक्सियां भी नहीं चलती हैं, जिसकी अदाणी बात कर रहा है। सरकार के सामने जो बात होती है, वह छह और आठ रुपये देने की है। अब तो 10 रुपये पर आ गए हैं। टैक्सियां भी 20 और 25 रुपये प्रति किलोमीटर के हिसाब से चलती हैं। हमारी गाड़ी में 12 टन लोड डालकर कहा जाता है कि इसे टैक्सी से भी कम रेट दिए जा रहे हैं। हमने फार्मूले की बात की है। एक कानूनी दस्तावेज बनाया गया है। आज तो उसे देने से भी इंकार किया गया है।

10 रुपये 70 पैसे रेट से हम बिल्कुल भी नीचे नहीं आएंगे : ठाकुर
शिमला। जिला बिलासपुर ट्रक आपरेटर सहकारी सभा के प्रतिनिधि राकेश ठाकुर ने कहा कि बरमाणा में वे धरना दे रहे हैं। वहां माताएं और बहनें भी धरने में आ रही हैं। आने वाले समय मेें जितने भी ट्रांसपोर्टर हैं वे 10 रुपये 70 पैसे रेट से बिलकुल भी नीचे नहीं आएंगे। सब ऑपरेटरों ने इसे माना। सरकार ने बताया कि सीईओ ने दस रुपये और साढ़े आठ रुपये प्रति किलोमीटर मालभाड़ा करने की बात कर रहे थे।

राकेश ठाकुर ने शिमला में कहा कि बरमाणा का प्लांट 1983 से चल रहा है। तालाबंदी से पहले भी 11 रुपये 41 पैसे रेट दे रहे थे। पता नहीं क्यों दादागीरी कर रहे हैं। ये न तो उनकी बात मान रहे हैं और न ही सरकार की ही मान रहे हैं। वास्तव में देखा जाए तो हमारी गाड़ी 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा की स्पीड से चलती है। अदाणी ग्रुप की शर्त है कि अगर 50 हजार किलोमीटर हर साल चलाकर दिखाएं तो ही इस मालभाड़े पर मुहर लगाएंगे। इसके लिए डेढ़ सौ से ढाई सौ किलोमीटर प्रतिदिन सफर करना होगा। बार-बार निवेदन कर रहे हैं कि जो भी रेट हैं, उसे जारी करें। अदाणी ग्रुप के सीईओ आए थे। उनके साथ ट्रांसपोर्टरों की कोई भी बैठक नहीं हुई है। 10 रुपये सिंगल एक्सेल रेट और साढ़े आठ रुपये मल्टी एक्सेल ट्रक के रेट की बात हुई है। अल्ट्राटेक की तरह रेट मांगा था। हमने छह से सात प्रतिशत रेट और कम किया है।

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