वेतन बढ़ने के बाद परिवहन मंत्री बाली ने की बड़ी पहल
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
माननीयों के वेतन बढ़ने के बाद से प्रदेश भर में हो रही किरकिरी के बीच सरकार के कद्दावर मंत्री जीएस बाली ने बढ़े हुए वेतन को समाजसेवा के लिए दान करने की घोषणा की है।
बाली अपने बढ़े हुए वेतन को अपने विधानसभा क्षेत्र की नगरोटा वेलफेयर सोसाइटी को दिया करेंगे। यह सोसाइटी इस राशि की मदद से विधानसभा क्षेत्र के जरूरतमंदों और गरीबों को सहायता प्रदान कर आगे बढ़ने में मदद करेगी।
इस कदम के साथ ही बाली ने पक्ष और विपक्ष के नेताओं के सामने नजीर पेश की है। विधानसभा के बजट सत्र के अंतिम दिन सरकार ने मुख्यमंत्री, मंत्रियों, सीपीएस, पीएस और विधायकों के अलावा विधानसभा अध्यक्ष-उपाध्यक्ष के वेतन को दोगुना तक बढ़ा दिया था।
इसके बाद से पेंशनर्स व कर्मचारियों से लेकर विभिन्न दलों, संगठनों और समाजसेवियों ने सरकार के इस कदम की कड़ी आलोचना कर रहे हैं। अमर उजाला ने भी माननीयों के वेतन बढ़ने पर लोगों में आए रोष की खबर को प्रमुखता से छापा था। इसके बाद शनिवार को बाली ने वेतन दान करने की घोषणा की है।
जो भी मंत्रालय मिला, नयापन लाने की कोशिश की- बाली ने कहा कि राजनीति में जो भी मंत्रालय मिला उसमें हमेशा लीक से हटकर नयापन और आधुनिकता लाने की कोशिश की है। ऐसे में सभी से अपील भी करूंगा कि वह भी कर्म करें और फल की ज्यादा इच्छा न रखें। कहा कि माता चामुंडा की कृपा से राजनीति में आने से पहले भी धन संपदा की कमी नहीं थी।
वीरभद्र-स्टोक्स पहले से नहीं लेते हैं वेतन- छह बार मुख्यमंत्री बने वीरभद्र सिंह ने कभी वेतन नहीं लिया। आईपीएच मंत्री विद्या स्टोक्स भी विधायक या मंत्री का वेतन नहीं लेती हैं। हालांकि, उनके अलावा कोई अन्य विधायक या मंत्री ऐसा नहीं है, जो अपना वेतन न लेता हो।
हिलोपा में विधायकों की वेतन बढ़ोतरी पर नाराजगी
कमजोर आर्थिक स्थिति से गुजर रहे हिमाचल प्रदेश में विधायकों द्वारा स्वयं अपने वेतन में दोगुनी बढ़ोतरी करने के फैसले के खिलाफ हिमाचल लोकहित पार्टी में भी आवाजें उठना शुरू हो गई है। पार्टी के अध्यक्ष और विधायक महेश्वर सिंह भी वेतन बढ़ोतरी करने वालों में शामिल रहे।
इसके बावजूद पार्टी नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए वेतन बढ़ोतरी के मामले को प्रदेश के लिए शर्मसार घटना करार दिया है। पार्टी पदाधिकारियों का कहना है माननीयों को सिर्फ अपना स्वार्थ नजर आ रहा है। प्रदेश की जनता और मुद्दों से किसी को भी कुछ लेना नहीं है।
हिमाचल लोकहित पार्टी के मुख्य प्रवक्ता और पूर्व विधायक महेंद्र नाथ सोफत, पूर्व विधायक श्यामा शर्मा, युवा सेना अध्यक्ष गौरव शर्मा, धर्मचंद गुलेरिया, देशबंधु सूद, हरीश गुलेरिया, मानव शर्मा, सुभाष शर्मा ने विधायकों द्वारा बढ़ाए गए वेतन-भत्तों पर कड़ा एतराज जताया है। पार्टी नेताओं ने कहा कि विधायकों के खाने के दांत कुछ और हैं व दिखाने के कुछ और।
प्रदेश की आर्थिक स्थिति डांवांडोल हैं। किसानों, बागवानों, कर्मचारियों के प्रदेश में हाल खराब हैं। उसे नजरअंदाज करते हुए विधायक अपने वेतन को दोगुना कर प्रदेश की छवि को शर्मसार कर रहे हैं। इससे यह भी सिद्ध होता है कि माननीयों को केवल अपना स्वार्थ नजर आता है न कि प्रदेश हित की बातें और प्रदेश से जुड़े मुद्दे।
पूर्व विधायक खुद भी छोड़े बढ़ी हुई पेंशन- पार्टी नेताओं के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए हिलोपा प्रमुख और विधायक महेश्वर सिंह ने कहा विरोध करने वाले विधायकों को पहले अपनी बढ़ी हुई पेंशन छोड़नी चाहिए। महेश्वर सिंह ने कहा यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि विधायकों
को स्वयं अपना वेतन तय करना पड़ता है। अन्य कोई भी व्यक्ति स्वयं अपने वेतन का निर्धारण नहीं करता। उन्होंने कहा विधायकों का स्थान मुख्य सचिव से ऊपर माना जाता है। ऐसे में मुख्य सचिव की तनख्वाह में एक रुपया जोड़ कर विधायकों को वेतन देना चाहिए।