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पंचायतीराज मंत्री के डीओ पर हुआ तबादला रद्द, ये है वजह
Sat, 31 Aug 2019 09:56 PM IST
Krishan Singh
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Sat, 31 Aug 2019 09:56 PM IST
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प्रदेश उच्च न्यायालय ने रसायन शास्त्र प्रवक्ता के ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज मंत्री के डीओ नोट के आधार पर जारी तबादला आदेशों को रद्द कर दिया है। न्यायाधीश धर्मचंद चौधरी और न्यायाधीश ज्योत्स्ना रेवाल दुआ की खंडपीठ ने पाया कि स्थानांतरण आदेश ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज मंत्री द्वारा जारी डीओ नोट के आधार पर किया गया है, जबकि हाईकोर्ट द्वारा विभिन्न मामलों में पारित निर्णयों के दृष्टिगत डीओ नोट के आधार पर जारी स्थानांतरण आदेश कानूनन मान्य नहीं है।
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याचिका में दिए तथ्यों के अनुसार प्रार्थी सुरेंद्र कुमार को ऊना जिला के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला अरलू से वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला जोआर के लिए स्थानांतरित किया गया था। न्यायालय ने मामले के रिकॉर्ड का अवलोकन करने के बाद पाया कि इस स्थानांतरण के लिए ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज मंत्री द्वारा दो डीओ नोट 24 और 25 जून 2019 को जारी किए थे। शिक्षा मंत्री को भेजने के बाद यह डीओ नोट निदेशक उच्च शिक्षा को भेजे गए थे। मुख्यमंत्री की स्वीकृति लेने के बाद ट्रांसफर आर्डर पारित किए गए।
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न्यायालय ने यह भी पाया कि स्थानांतरण आदेश में यह जताने की कोशिश की गई थी कि स्थानांतरण आदेश प्रार्थी के खुद कहने पर किए गए हैं। स्थानांतरण आदेश बिना ज्वाइनिंग समय व स्थानांतरण यात्रा भत्ते के किए गए थे। न्यायालय ने यह पाया कि स्थानांतरण आदेश पूरी तरह से राजनीतिक हस्तक्षेप के चलते किए गए हैं। हाईकोर्ट द्वारा पारित निर्णय के मुताबिक इस तरह के स्थानांतरण आदेशों को कानूनी तौर पर कोई मान्यता नहीं है। न्यायालय ने स्थानांतरण आदेशों को कानून के विपरीत पाते हुए रद्द कर दिया।
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