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मरीजों के साथ कैसे करें बर्ताव, प्रशिक्षु डॉक्टरों को मिलेगी ट्रेनिंग
Sat, 11 May 2019 02:03 PM IST
अरविन्द ठाकुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Sat, 11 May 2019 02:03 PM IST
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आईजीएमसी में एमबीबीएस प्रथम वर्ष में प्रवेश पाने वाले प्रशिक्षु डॉक्टरों को एक माह का फाउंडेशन कोर्स करवाया जाएगा। कोर्स के जरिये फैकल्टी मेंबर प्रशिक्षुओं को मरीजों को उपचार के समय लगने वाले इंजेक्शन लगाने के तरीके, मरीज और तीमारदार के साथ व्यवहार, बेसिक लाइफ स्पोर्ट सिस्टम की जानकारी देंगे। हिमालय इंस्टीट्यूट मेडिकल साइंस देहरादून और मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया की पर्यवेक्षक डॉ. जूही कालरा ने आईजीएमसी में यह जानकारी दी।
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आईजीएमसी की फैकल्टी के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम करवाया गया। इसमें मुख्य अतिथि के रुप में विशेष सचिव स्वास्थ्य डॉ. निपुण जिंदल और विशेष अतिथि डॉ. प्रवीण शामिल हुए। प्रशिक्षण कार्यक्रम में बताया गया कि वर्ष 2019 में एमबीबीएस प्रथम वर्ष के बैच छात्रों को फाउंडेशन कोर्स करवाया जाएगा।
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प्रशिक्षुओं को मरीजों के साथ बर्ताव, भाषा की समस्या, बातचीत सहित अन्य जानकारी दी जाएगी। कॉलेज प्राचार्य डॉ. रवि चंद शर्मा, बाल रोग विभागाध्यक्ष डॉ. अश्वनी सूद, डॉ. प्रवीण, डॉ. किरण मोक्टा और डॉ. युवराज इस दौरान मौजूद रहे।
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हिंदी बोलने में समस्या है तो सिखाई जाएगी
फाउंडेशन कोर्स के दौरान अगर कोई प्रशिक्षु केरल से आता है और उसे हिंदी बोलने में समस्या आती है तो एक माह के दौरान उसे हिंदी भी सिखाई जाएंगी। इसी तरह अंग्रेजी बोलनी भी सिखाई जाएगी। इसके अलावा प्रशिक्षुओं को ट्रैकिंग, लैब, हॉस्टल, इमरजेंसी वार्ड के साथ साथ कम्यूनिटी सेंटर भी ले जाया जाएगा।