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केंद्र सरकार के खिलाफ हड़ताल करेंगी मजदूर यूनियनें
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
Updated Wed, 18 May 2016 12:02 AM IST
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दो सितंबर को प्रदेश की सभी मजदूर यूनियनें सीटू, इंटक, एटक और एचएमएस हड़ताल करेंगी।
- फोटो : demo pic
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दो सितंबर को प्रदेश की सभी मजदूर यूनियनें सीटू, इंटक, एटक और एचएमएस हड़ताल करेंगी। मंगलवार को शिमला में सभी यूनियनों के पदाधिकारियों की बैठक हुई। अध्यक्षता इंटक के प्रदेश अध्यक्ष बाबा हरदीप सिंह ने की।
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सीटू के राज्य महासचिव डा. कश्मीर सिंह ठाकुर ने बताया कि 12 सूत्रीय मांगों को लेकर दो सितंबर को राष्ट्रव्यापी हड़ताल होगी। प्रदेश में सभी यूनियनें एक साथ हड़ताल करेंगी। दो सितंबर की हड़ताल को सफल बनाने के लिए 25 जून को प्रदेश स्तर का सम्मेलन होगा।
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इसमें सभी संगठनों के नेता शामिल होंगे। 31 जुलाई को सभी जिलों में हड़ताल को लेकर सम्मेलन होंगे। नौ अगस्त को शिमला में मोदी सरकार गद्दी छोड़ो के नारे के साथ प्रदर्शन किया जाएगा। बताया कि मजदूर संगठनों की मुख्य मांगें हैं कि श्रम कानूनों में मजदूर विरोधी संशोधन वापस लिए जाएं।
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सभी मजदूरों को पेंशन के दायरे में लाया जाए। मजदूरों का न्यूनतम वेतन 18 हजार रुपये प्रतिमाह किया जाए। महंगाई पर तुरंत रोक लगाई जाए। आंगनबाड़ी वर्कर्स, मिड डे मील और आशा वर्कर्स को सरकारी कर्मचारी बनाया जाए। विनिवेश की नीति बंद की जाए।
परिवहन क्षेत्र का दुश्मन सड़क सुरक्षा विधेयक 2015 को निरस्त किया जाए। ठेका प्रथा बंद की जाए। ठेका मजदूरों को नियमित मजदूरों के बराबर वेतन दिया जाए। बैठक में सीटू के राज्य सचिव विजेंद्र मेहरा, एचएमएस के राज्य अध्यक्ष मेलाराम चंदेल, एटक के राज्य कमेटी सदस्य रविंद्र कुमार सहित कई अन्य मौजूद रहे।