मनाली: पर्यटक वाहनों को ग्रांफू तक जाने की अनुमति, रोहतांग दर्रा भी जल्द खुलेगा
स्पीति घाटी के काजा के लिए जाने वाला मार्ग ग्रांफू तक बहाल कर दिया गया है। लाहौल-स्पीति प्रशासन ने इस मार्ग पर ग्रांफू तक वाहनों को ले जाने की अनुमति दे दी है। दूसरी ओर समुद्रतल से 13,050 फीट की ऊंचाई पर स्थित रोहतांग दर्रा भी जल्द बहाल हो जाएगा।
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हिमाचल प्रदेश की पर्यटन नगरी मनाली और जनजातीय जिले लाहौल-स्पीति की सैर का कार्यक्रम बनाने वाले पर्यटकों के लिए अच्छी खबर है। स्पीति घाटी के काजा के लिए जाने वाला मार्ग ग्रांफू तक बहाल कर दिया गया है। लाहौल-स्पीति प्रशासन ने इस मार्ग पर ग्रांफू तक वाहनों को ले जाने की अनुमति दे दी है। दूसरी ओर समुद्रतल से 13,050 फीट की ऊंचाई पर स्थित रोहतांग दर्रा भी जल्द बहाल हो जाएगा। इस मार्ग पर बर्फ हटाने का अभियान युद्ध स्तर पर चल रहा है। दो से तीन किलोमीटर मार्ग पर ही बर्फ हटाने का कार्य शेष रह गया है। उम्मीद जताई जा रही है कि मई के प्रथम सप्ताह तक रोहतांग पर्यटकों के लिए बहाल कर दिया जाएगा। भारी बर्फबारी के कारण काजा-ग्रांफू मार्ग यातायात के लिए बंद है।
इस मार्ग पर सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) ने बर्फ हटाने का कार्य जारी रखा है। लेकिन, अटल टनल के नार्थ पोर्टल से कोकसर होते हुए ग्रांफू तक वाहनों को जाने की अनुमति प्रशासन ने दे दी है। अब घाटी का रुख करने वाले पर्यटक ग्रांफू की वादियों को निहार सकेंगे। उपायुक्त नीरज कुमार ने इसकी पुष्टि की है। मनाली-रोहतांग मार्ग भी जल्द पर्यटकों के लिए बहाल किया जा सकता है। इस मार्ग पर बीआरओ का बर्फ हटाने का अभियान अंतिम चरण में है। गौरतलब है कि मनाली आने वाले पर्यटकों की पहली पसंद रोहतांग दर्रा रहता है। इस मार्ग पर वर्तमान में पर्यटकों को मढ़ी तक जाने की अनुमति दी गई है। बीआरओ कमांडर कर्नल शबरीश वाचली ने बताया रोहतांग दर्रा को खोलने का कार्य जारी है। अभी इस मार्ग पर बर्फ हटाने का कार्य चल रहा है। दो से तीन किलोमीटर के दायरे में बर्फ हटाना शेष है।