Tourism Ministers Conference: केंद्रीय मंत्री किशन रेड्डी बोले- बजट से पहले लागू होगी राष्ट्रीय पर्यटन नीति
केंद्रीय पर्यटन मंत्री जी किशन रेड्डी ने कहा कि बजट सत्र से पहले देशभर में राष्ट्रीय पर्यटन नीति लागू होगी। इस नीति के तहत ‘विकास भी और विरासत भी’ की तर्ज पर देश में पर्यटन क्षेत्रों का विकास किया जाएगा।
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हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला में रविवार को शुरू हुए सभी राज्यों के पर्यटन मंत्रियों के तीन दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन में केंद्रीय पर्यटन मंत्री जी किशन रेड्डी ने कहा कि बजट सत्र से पहले देशभर में राष्ट्रीय पर्यटन नीति लागू होगी। इस नीति के तहत ‘विकास भी और विरासत भी’ की तर्ज पर देश में पर्यटन क्षेत्रों का विकास किया जाएगा। केंद्रीय मंत्री ने धर्मशाला में प्रेस वार्ता के दौरान कहा कि इस बार जी-20 शिखर सम्मेलन से दुनिया भारत की पर्यटन क्षमताओं को जानेगी। दुनिया के 20 प्रमुख विकसित और विकासशील देशों के राष्ट्राध्यक्षों के जी-20 शिखर सम्मेलन की मेजबानी इस वर्ष भारत कर रहा है। खास बात यह कि इस सम्मेलन की बैठकें देश के प्रमुख पर्यटन स्थलों में होंगी। इससे दुनिया भारत की पर्यटन क्षमताओं से रूबरू होगी। पर्यटन मंत्री ने कहा कि इमरजेंसी क्रेडिट लाइन गारंटी स्कीम की अवधि को मार्च 2023 तक बढ़ाया गया है।
इससे पर्यटन विकास के लिए देश में 50,000 करोड़ रुपये खर्च होंगे। विदेशी पर्यटकों को भारत में आमंत्रित करने के लिए केंद्र सरकार प्रतिबद्ध है। इसके लिए देश में आने वाले पहले पांच लाख पर्यटकों को नि:शुल्क वीजा मिलेगा। ई-वीजा सेवा शुरू करने से उन्हें दूतावास के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। पर्यटन विकास में निजी क्षेत्र का उल्लेखनीय योगदान रहा है। ऐसे में पर्यटन को पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप मोड पर विकसित किया जाएगा। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जम्मू-कश्मीर से लेकर पूर्वोत्तर भारत में बढ़ी सुरक्षा के कारण हालात सुधरे हैं। कई चरमपंथी समूह हथियार छोड़कर देश की मुख्यधारा में शामिल हुए हैं। हम अमृत काल में प्रवेश कर रहे हैं। ऐसे में इस सम्मेलन में विभिन्न राज्यों और विचारधाराओं के पर्यटन मंत्रियों के साथ मंथन के दौरान भारत में 2047 तक पर्यटन विकास की साझा सहमति और रोडमैप बनाने में मदद मिलेगी।
पीएम मोदी के कार्यकाल में दोगुना हुए हवाई अड्डे
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि नरेंद्र मोदी 2014 में जब देश के प्रधानमंत्री बने, उस समय देश में 74 हवाई अड्डे थे। उनके आठ वर्षों के कार्यकाल में अब इनकी संख्या 140 हो गई है। इससे देश में पर्यटन कारोबार बढ़ा है। 2025 तक देश में 220 हवाई अड्डे बनाने का लक्ष्य है।
पर्यटन विकास के लिए बनेगा आंबेडकर सर्किट
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि देश में पर्यटन विकास के लिए रामायण सर्किट, बुद्ध सर्किट के बाद अब आंबेडकर सर्किट भी विकसित होगा। इस सर्किट में डॉ. भीमराव अंबेडकर के जीवन से जुड़े महत्वपूर्ण स्थलों को आपस में जोड़ते हुए आंबेडकर सर्किट विकसित किया जाएगा।
पर्यटन विकास के लिए हर राज्य करे अपनी ब्रांडिंग: कपिल देव
भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान कपिल देव ने सम्मेलन को ऑनलाइन संबोधित किया। उन्होंने कहा कि हर राज्य की अपनी कुछ खूबियां हैं। इन्हीं के आधार पर पर्यटन विकास के लिए हर राज्य अपनी ब्रांडिंग करे। इसके लिए राजस्थान में बेहतर कार्य हुआ है। हर राज्य अपने स्तर पर प्रयास करे कि छोटी-छोटी खेलों को बढ़ावा दिया जाए। खेलों के माध्यम से आज कई खिलाड़ी विश्व स्तर पर लोकप्रिय हैं। इनकी पर्यटन विकास के दूत के रूप में सेवाएं ली जाएं। कपिल देव ने कहा कि आज देश के प्रधानमंत्री अपने स्तर पर पर्यटन विकास के लिए काफी प्रयास कर रहे हैं।
पर्यटन विकास के लिए ‘भारत’ के विचार को बढ़ावा देना होगा: महिंद्रा
महिंद्रा समूह के चेयरपर्सन आनंद महिंद्रा ने राज्यों के पर्यटन मंत्रियों के सम्मेलन को ऑनलाइन संबोधित करते हुए कहा कि भारत के पास पर्यटन क्षेत्र में विकास की अथाह संभावनाएं मौजूद हैं। देश में पर्यटन विकास के लिए ‘भारत’ के विचार को बढ़ावा देना होगा। इसके तहत देश की समृद्ध सांस्कृतिक, प्राकृतिक और पारंपरिक खूबियों को दुनिया के समक्ष प्रस्तुत करना होगा। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ समय में देश के शहरी क्षेत्रों में बहुत ज्यादा निर्माण कार्य हुए हैं। इस अनियोजित निर्माण का पर्यटन पर भी कहीं न कही विपरीत प्रभाव पड़ता है।
उन्होंने कहा कि गांवों के रूप में भारत के पास एक विशाल पर्यटन संपदा मौजूद है। गांवों को यदि सुनियोजित ढंग से विकसित किया जाए, तो इससे प्रदेश में पर्यटन विकास की नई राहें खुलेंगी। आंनद महिंद्रा ने कहा कि पर्यटन कारोबार को बढ़ावा देने में विदेशी पर्यटकों की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है। देश में सुरक्षा को माहौल तैयार करने के साथ-साथ यदि ढांचागत सुविधाओं को सुदृढ़ कर लिया जाए, तो इससे पर्यटन कारोबार को तेज रफ्तार मिलेगी। इसके लिए नई राष्ट्रीय पर्यटन नीति में आवश्यक प्रावधान होने चाहिए।
राष्ट्रीय सम्मेलन में दलाईलामा को न बुलाने के सवाल पर असमंजस में पड़े रेड्डी
केंद्रीय पर्यटन मंत्री किशन रेड्डी ने धर्मगुरु दलाईलामा को पर्यटन मंत्रियों के राष्ट्रीय सम्मेलन में निमंत्रण देने के मामले को सेंस्टिव इश्यू बताया। धर्मशाला में रविवार को राज्य पर्यटन मंत्रियों का तीन दिवसीय सम्मेलन शुरू हुआ। इससे पहले केंद्रीय पर्यटन मंत्री ने प्रेस वार्ता की। इसमें अमर उजाला के संवाददाता ने सवाल पूछा कि राष्ट्रीय सम्मेलन के सत्र में सद्गुरु और कपिल देव को आमंत्रित किया गया, लेकिन यहां रह रहे धर्मगुरु दलाईलामा को क्यों निमंत्रण नहीं दिया गया। सवाल के जवाब में केंद्रीय मंत्री असमंजस में पड़ गए। उन्होंने कहा कि यह विषय ऐसी प्रेस कांफ्रेंस में नहीं लाना चाहिए। जो नाम आपने लिया है, हम उनके संपर्क में है। कृपा करके इस विषय को छोड़ दीजिए। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि वह दलाईलामा से मिलने के लिए खुद जाने वाले हैं। यह इश्यू थोड़ा सेंस्टिव है।