पापा देखो मेरा मेडल 500 ग्राम का है चांदी का। टोक्यो पैरालंपिक में सिल्वर मेडल जीतने के बाद ऊना जिले के निषाद ने अपने पिता रछपाल सिंह और माता पुष्पा देवी से वीडियो कॉल पर बात की। मां से कहा- मम्मी आपको गोल्ड की आस थी.. सिल्वर पदक मेरा है, आप खुश हो। जवाब में मां ने बेटे को आशीर्वाद देते हुए कहा कि मैं तुम्हारी कामयाबी से खुश हूं। टोक्यो पैरालंपिक में रजत पदक जीतने के बाद निषाद कुमार ने वीडियो कॉल कर परिवार से खुशियों को साझा किया।
बेटे के मेडल जीतने पर परिजन गदगद हैं। इसके साथ ही उपमंडल अंब से जुड़ा बदाऊं गांव प्रदेश का बड़ा हॉट स्पॉट बन गया है और निषाद का परिवार उसका केंद्र है। हर मिलने वाला शख्स परिवार के साथ सेल्फी लेकर सोशल मीडिया पर शेयर करना चाहता है। निषाद के पिता रछपाल सिंह ने बताया कि मेडल जीतने की खबर के बाद घर पर बधाई देने वालों का तांता लगा रहा। माता ने बताया रविवार को प्रतियोगिता से पूर्व परिवार ने बदाऊं के ठाकुर द्वारा मंदिर में पूजा-अर्चना की और निषाद ने भी वीडियो कॉलिंग के जरिये पूजा में भाग लिया।
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निषाद कुमार
- फोटो : अमर उजाला
माता पुष्पा देवी ने कहा कि बेटे को सरसों का साग और मक्की की रोटी बहुत पसंद है। जब वापस आएगा तो जरूर खिलाऊंगी। निषाद की बहन रमा देवी ने कहा कि भाई का जोरदार स्वागत किया जाएगा। मंगलवार को उसका दिल्ली के लिए टिकट बुक है, लेकिन वह कैंसिल भी हो सकती है। ऐसे में घर वापसी के समय के बारे में अभी तक कुछ स्पष्ट नहीं है। परिजनों ने बेटे के स्वागत के लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं।
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घर पर निषाद की जीत का जश्न मनाते परिजन।
- फोटो : अमर उजाला
रात ढाई बजे तक निषाद की जीत पर डाला भंगड़ा
पैरालंपिक में रजत पदक जीतने का जश्न निषाद कुमार के घर रविवार रात ढाई बजे तक चलता रहा। परिजनों समेत अन्य ने खूब भंगड़ा डाला। जश्न में बहन ने भी खूब ठुमके लगाए और भाई के जीत की खुशी मनाई। निषाद के घर बदाऊं में रविवार रातभर पंजाबी धुनों पर खूब धमाल मचा।
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निषाद से वीडियो कॉल पर बात करते परिजन।
- फोटो : अमर उजाला
पिता व माता भी खुद को इस जश्न में नाचने से नहीं रोक पाए। रात तक लोग घर बधाई देने आते रहे। निषाद के पिता रछपाल ने बताया कि उनके बेटे की जीत का जश्न मानों सारा इलाका मना रहा था। अब परिजनों को निषाद से मिलने की जल्दी है।
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निषाद कुमार
- फोटो : अमर उजाला
हालांकि, उसके अंब पहुंचने का कार्यक्रम अभी तक तय नहीं हो पाया है। परिजनों की मानें तो निषाद के घर पहुंचने पर असली जश्न होगा। उन्होंने कहा कि बेटे निषाद पर उन्हें नाज है। माता पुष्पा देवी और बहन रमा देवी ने कहा कि उन्होंने निषाद के सिल्वर मेडल को दोस्तों और रिश्तेदारों के साथ मिलकर सेलिब्रेट किया।