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एक और सर्वे में मोदी की वाराणसी से आगे निकल गया शिमला

Thu, 18 Feb 2016 10:09 AM IST
Updated Thu, 18 Feb 2016 10:09 AM IST
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toilet survey, shimla ahead of varanasi.

टॉप टेन स्वच्छ शहरों के अलावा हर घर शौचालय का आह्वान करने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकसभा क्षेत्र वाराणसी और गृह मंत्री के क्षेत्र लखनऊ भी हिल्स क्वीन से काफी पीछे हैं। लालकिले की प्राचीर से पिछले साल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शौचालय व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए देशवासियों और प्रदेश की सरकारों से अपील की थी।

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सबसे ज्यादा 96 हाउस होल्ड शौचालय का प्रतिशत शिमला में रहा, जबकि राज्य सरकार के जिम्मे आने वाली सर्वे के अन्य बिंदुओं में शहर पिछड़ गया। सबसे साफ शहरों की सूची में पहले पायदान पर रहे मैसूर में भी शिमला से दो प्रतिशत कम 94 प्रतिशत घरों और दूसरे नंबर पर रहे चंडीगढ़ और देश की राजधानी नई दिल्ली के सर्वे में 95 फीसदी हाउस होल्ड टॉयलेट मिले।

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इन बिंदुओं पर किया गया सर्वे

toilet survey, shimla ahead of varanasi.

पूछा गया था कि क्या आपका शहर हमेशा साफ रहता है। इसके अलावा डस्टबिन ढूंढने में मिलता है या नहीं, हर रोज कूड़े का डोर कलेक्शन होता है, हर 500 मीटर के दायरे में पब्लिक टायलेट है, पब्लिक या कम्यूनिटी टॉयलेट में मूलभूत सुविधाएं होने और इंडिविजुअल हाउस होल्ड टॉयलेट पर सर्वे किया गया था।

सर्वे के दौरान पूछे गए सवालों के जवाबों ने राज्य सरकार और उसके तंत्र की कार्यशैली की पोल खोल कर रख दी है। सर्वे के अनुसार सिर्फ 31 फीसदी लोग ये मानते हैं कि उनका शहर हमेशा साफ रहता है। जबकि सिर्फ 37 फीसदी को कूड़ा फेंकने के लिए कूड़ादान मिलता है।

वहीं, 51 फीसदी लोगों ने बताया कि उनके घर से हर रोज कूड़े का डोर कलेक्शन होता है। 40 फीसदी ने बताया कि उन्हें अपने 500 मीटर के दायरे में टायलेट उपलब्ध हो पाता है। हालांकि सबसे ज्यादा सरकार की किरकिरी सार्वजनिक शौचालयों में मूलभूत सुविधाओं को लेकर हुई है। सिर्फ 24 फीसदी लोगों ने इसके पक्ष में जवाब दिया है। हालांकि सर्वे के दौरान 96 फीसदी घरों में टायलेट मिले।

जानिए प्रमुख शहरों का हाल

toilet survey, shimla ahead of varanasi.
शिमला
सफाई - 31%, डस्टबिन - 37%
डोर कलेक्शन===========51%
500 मी. में टॉयलेट=======40%
सार्वजनिक टॉयलेट में सुविधा==24%
हाउस होल्ड टॉयलेट========96%

मैसूर
सफाई - 43%, डस्टबिन - 45%
डोर कलेक्शन=========58%
500 मी. में टॉयलेट=======25%
सार्वजनिक टॉयलेट में सुविधा==25%
हाउस होल्ड टॉयलेट=========94%

वाराणसी
सफाई - 09%, डस्टबिन - 09%
डोर कलेक्शन=========13%
500 मी. में टॉयलेट=====26%
सार्वजनिक टॉयलेट में सुविधा=13%
हाउस होल्ड टॉयलेट========83%

लखनऊ
सफाई - 13%, डस्टबिन -12%
डोर कलेक्शन=========22%
500 मी. में टॉयलेट=====22%
सार्वजनिक टॉयलेट में सुविधा===16%
हाउस होल्ड टॉयलेट=========90%

नई दिल्‍ली
सफाई - 64%, डस्टबिन - 29%
डोर कलेक्शन=========34%
500 मी. में टॉयलेट=======39%
सार्वजनिक टॉयलेट में सुविधा==25%
हाउस होल्ड टॉयलेट=========95%

चंडीगढ़
सफाई - 46%, डस्टबिन - 52%
डोर कलेक्शन=========51%
500 मी. में टॉयलेट======53%
सार्वजनिक टॉयलेट में सुविधा==45%
हाउस होल्ड टॉयलेट========95%
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