Tobacco Control Program: हिमाचल में वर्ष 2025 तक तंबाकू के उपयोग में लाई जाएगी 10 फीसदी तक कमी
हिमाचल प्रदेश राज्य को राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के तहत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाला राज्य होने के लिए सम्मानित किया गया। यह पुरस्कार राज्य कार्यक्रम अधिकारी डॉ. गोपाल चौहान ने प्राप्त किया।
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एनआईएचएफडब्ल्यू की ओर से शुक्रवार को स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय नई दिल्ली में राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इसमें हिमाचल प्रदेश में वर्ष 2025 तक तंबाकू के उपयोग को 10 फीसदी से कम और 2030 तक फीसदी से कम करने की रणनीति बनाई गई। इस अवसर पर हिमाचल प्रदेश राज्य को राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के तहत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाला राज्य होने के लिए सम्मानित किया गया। यह पुरस्कार राज्य कार्यक्रम अधिकारी डॉ. गोपाल चौहान ने प्राप्त किया। 2 अक्तूबर 2010 को शिमला को पहला साक्ष्य आधारित धूम्रपान मुक्त शहर घोषित किया गया।
हिमाचल प्रदेश 2013 में भारत के सभी 21 बड़े राज्यों में से पहला धूम्रपान मुक्त राज्य बन गया है। हिमाचल प्रदेश ने 2016 में तंबाकू विक्रेताओं को लाइसेंस देने के लिए एक कानून बनाया है। राज्य ने ई-सिगरेट, गुटखा की बिक्री पर प्रतिबंध लगाया है। आशा कार्यकर्ताओं (ई हेल्थ कार्ड) के माध्यम से की गई निगरानी से पता चलता है कि राज्य में वयस्क तंबाकू के उपयोग में 11.6 फीसदी की और कमी आई है। घरों में निष्क्रिय धूम्रपान 82.5 से घटकर 32.9 फीसदी हो गया है। नवीनतम ग्लोबल यूथ टोबैको सर्वेक्षण के अनुसार हिमाचल प्रदेश में 13-15 आयु वर्ग के बीच तंबाकू का उपयोग 1.1 फीसदी है जो भारत में सबसे कम है।