तंबाकू उत्पाद बिक्री लाइसेंस, धूम्रपान पर जुर्माने के अधिकार पंचायतों को
तंबाकू उत्पादों की बिक्री के लाइसेंस जारी करने और धूम्रपान करने वालों पर चालान कर जुर्माना तय करने का अधिकार अब पंचायतों के पास होगा। पंचायत सचिव बीड़ी-सिगरेट सहित अन्य तंबाकू उत्पादों की बिक्री के लाइसेंस बनाएंगे, जबकि सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान करने वालों का चालान कर जुर्माना करने की पावर पंचायत प्रधानों के पास रहेगी।
सरकार ने सिग्रेट्स एंड अदर टोबेको प्रोडक्ट्स एक्ट-2003 (कोटपा) को सख्ती से लागू करने के मकसद से इसको लेकर अधिसूचना जारी कर दी है। अब तक कोटपा के प्रावधान लागू कराने का अधिकार प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस विभाग के अफसरों एवं कर्मियों के पास था। पिछले दिनों हिमाचल सरकार ने पंचायती राज विभाग के माध्यम से एक्ट को लेकर किए गए नए प्रावधानों से संबंधित अधिसूचना जारी की है।
अब नए प्रावधान लागू करने की कवायद पंचायत स्तर पर शुरू हो गई है। पंचायतों को कोटपा एक्ट के प्रावधान समझाए जा रहे हैं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आरएस राणा ने बताया कि अब पंचायत सचिव और प्रधानों को कोटपा एक्ट के तहत लाइसेंस बनाने और चालान कर जुर्माना करने की शक्ति दी गई है।
पंचायत स्तर पर यदि किसी व्यक्ति को तंबाकू उत्पादों की दुकान खोलनी है तो उसे पंचायत सचिव से लाइसेंस बनवाना होगा। इसी तरह से अन्य प्रावधानों पर पंचायतों को अधिकार होंगे।
कोटपा एक्ट के प्रावधान लागू कराने के लिए पंचायतों को अधिकार दिए गए हैं। सरकार ने पंचायती राज विभाग के माध्यम से अधिसूचना जारी की है। इसे लेकर पंचायतों को उनके नए अधिकारों से अवगत कराया जा रहा है। - अमित जसरोटिया, प्रदेशाध्यक्ष, पंचायत सचिव संघ