शिमला: सरकारी योजनाएं लागू करने के लिए हर माह बैंक मैनेजरों से करें वीडियो कॉन्फ्रेंस, सीएस ने दिए निर्देश
मुख्य सचिव ने बैंकों को आदेश दिया कि वे कम से कम महीने में एक बार वीडियो कॉन्फ्रेंस से शाखा प्रबंधकों से एक बैठक करें और लंबित मामलों को निपटाने एवं अन्य दिशा-निर्देशों के संबंध में जानकारी साझा करें।
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मुख्य सचिव रामसुभग सिंह ने प्रदेश के सभी बैंक अधिकारियों को सरकारी योजनाएं लागू करने के लिए हर माह बैंक मैनेजरों से वीडियो कॉन्फ्र्रेंस करने के निर्देश दिए हैं। गुरुवार को पीटरहॉफ शिमला में मुख्य सचिव ने राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति की 161वीं बैठक में कहा कि जमा राशि बढ़ाने को ऋण स्वीकृति पर अधिक ध्यान देने की जरूरत है। मुख्य सचिव ने बैंकों को आदेश दिया कि वे कम से कम महीने में एक बार वीडियो कॉन्फ्रेंस से शाखा प्रबंधकों से एक बैठक करें और लंबित मामलों को निपटाने एवं अन्य दिशा-निर्देशों के संबंध में जानकारी साझा करें। निजी बैंकों का सरकारी योजनाओं के ऋण स्वीकृत न करने का संज्ञान लेते हुए मुख्य सचिव ने कहा कि सरकार उनके जमा राशि के लक्ष्य पूरा करने में बहुत मदद करती है।
यदि वे सरकारी ऋण स्वीकृत नहीं करेंगे तो संबंधों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। कहा कि स्ट्रीट वेंडर्स योजना के एक वर्ष की अवधि पूर्ण होने पर भारत सरकार ने इस योजना के तहत ऋण सीमा को 10000 रुपये से बढ़ा कर 15000 कर दिया है। ऋण वापस करने की समय सीमा भी एक वर्ष से बढ़ा कर 18 महीने कर दिया है। योजना के तहत ऋण लेने वाले प्रदेश के लाभार्थियों के लिये स्टांप ड्यूटी पर छूट देने का आश्वासन दिया। यूको बैंक के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी एके गोयल ने कहा कि इतिहास में यह पहली बार हुआ है कि सरकार अपना धन निजी बैंकों में जमा करने का रुझान दिखा रही है।