Himachal: निर्माण श्रमिकों को चार विदेशी भाषाओं में मिलेगा कौशल प्रशिक्षण, डिजिटल सेवाओं का होगा विस्तार
भवन एवं अन्य सन्निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड ने प्रदेश के पंजीकृत निर्माण श्रमिकों को कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाने और सेवाओं को डिजिटल बनाने का फैसला लिया है।
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हिमाचल प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड ने प्रदेश के पंजीकृत निर्माण श्रमिकों को कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाने और सेवाओं को डिजिटल बनाने का फैसला लिया है। निर्माण श्रमिकों को चार विदेशी भाषाओं में कौशल प्रशिक्षण मिलेगा। लंबित दावों का जल्द निपटारा करने के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। बोर्ड के अध्यक्ष नरदेव सिंह कंवर की अध्यक्षता में हुई निदेशक मंडल की 55वीं बैठक में श्रमिक कल्याण से जुड़ी योजनाओं और पहलों की समीक्षा की गई। बैठक में डिजिटल लेबर चौक मोबाइल एप्लीकेशन के विकास को कार्योत्तर स्वीकृति दी गई। इसके अलावा पंजीकृत श्रमिकों के डिजिटल डाटा के रखरखाव और प्रबंधन के लिए आवश्यक सॉफ्टवेयर की खरीद को भी मंजूरी दी गई।
कंवर ने कहा कि पंजीकृत श्रमिकों तक डिजिटल सुविधाओं की पहुंच बढ़ाना बोर्ड की प्राथमिकता है। उन्होंने डिजिटल लेबर चौक एप्लीकेशन, सेस पोर्टल और डिजिटल लेबर चौक-कम-फैसिलिटेटर सेंटरों का विकास भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। बैठक में पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के लिए जापानी, अरबी, अंग्रेजी और जर्मन भाषाओं में कौशल प्रशिक्षण शुरू करने के प्रस्ताव पर भी चर्चा हुई। यह प्रशिक्षण रिकग्निशन ऑफ प्रायर लर्निंग (आरपीएल) योजना अथवा सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020 के प्रावधानों के तहत उपलब्ध करवाने का प्रस्ताव है। बोर्ड ने 15 अगस्त को विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के तहत 4,967 पंजीकृत निर्माण श्रमिकों को 20.61 करोड़ रुपये की सहायता राशि वितरित की है।
श्रमिकों को योजनाओं की जानकारी देने के लिए प्रचार एवं विज्ञापन मद में एक करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। सरकारी भवनों पर स्थायी वॉल पेंटिंग के माध्यम से योजनाओं का प्रचार किया जाएगा। गांधी चौक हमीरपुर समेत जिला और जोनल मुख्यालयों में आउटडोर एलईडी डिस्प्ले लगाने को भी मंजूरी दी गई है।