{"_id":"56e2656a4f1c1bed638b4570","slug":"tibbat-community-protest-at-dharamshala","type":"story","status":"publish","title_hn":" दलाईलामा और चीन सरकार में वार्ता से हल होगा तिब्बत मुद्दा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दलाईलामा और चीन सरकार में वार्ता से हल होगा तिब्बत मुद्दा
ब्यूरो/अमर उजाला, धर्मशाला
Updated Fri, 11 Mar 2016 12:07 PM IST
विज्ञापन
तिब्बती समुदाय के लोगों ने मैकलोडगंज से लेकर कचहरी अड्डा तक जुलूस निकाला।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राष्ट्रीय विद्रोह दिवस की 57वीं वर्षगांठ पर धर्मशाला की सड़कों पर तिब्बती समुदाय सड़कों पर उतर आया। रैली निकालकर समुदाय के हजारों लोगों ने तिब्बत की आजादी और मानवाधिकारों के उल्लंघन को लेकर आवाज बुलंद की।
विज्ञापन
तिब्बती समुदाय के लोगों ने मैकलोडगंज से लेकर कचहरी अड्डा तक जुलूस निकाला। रैली में तिब्बतियन यूथ कांग्रेस, तिब्बतियन महिला एसोसिएशन, स्टूडेंट फॉर फ्री तिब्बत, गु-चू-सुम, नेशनल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ तिब्बत के सदस्यों ने हिस्सा लिया।
विज्ञापन
इससे पूर्व मैकलोडगंज स्थित मुख्य बौद्ध मठ में आयोजित कार्यक्रम में निर्वासित तिब्बती सरकार के प्रधानमंत्री डा. लोबसांग सांग्ये ने चीन की खिलाफत की। उन्होंने कहा कि तिब्बत की आजादी के लिए जान कुर्बान करने वाले तिब्बतियों से प्रेरणा लेनी चाहिए।
विज्ञापन
पिछले पांच दशकों से अधिक समय से चीन सरकार के दबाव में तिब्बती अपने देश में भी परायों की तरह रह रहे हैं। तिब्बत में आज भी तिब्बती चीन सरकार के दमनकारी रवैये का शिकार हो रहे हैं। तिब्बत में मानवाधिकारों का सरेआम उल्लंघन हो रहा है।
उन्होंने कहा कि तिब्बत मुद्दे का हल धर्मगुरु दलाईलामा और चीनी सरकार के प्रतिनिधियों के बीच वार्ता के साथ ही सुलझ सकता है। निर्वासित तिब्बत सरकार बातचीत के लिए मध्यमार्गीय नीति के पक्ष में है।
तिब्बत की स्वायत्तता के लिए विश्व के सभी मंचों पर आवाज उठाई गई है तथा वहां से तिब्बत को पूर्ण समर्थन भी मिला है। ऐसे में वह दिन दूर नहीं जब तिब्बत को पूर्ण स्वायत्ता मिलेगी और शरणार्थी के तौर पर अपने देश से बाहर रह रहे तिब्बती अपने वजन लौटेंगे।