घूस ले रहे थे एसडीओ साहब, अब खाएंगे जेल की हवा
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पैसों की किस्त देने से पहले एक शख्स से महज 1800 रुपए की रिश्वत लेने वाला एसडीओ अब हवालात की हवा खाएगा। विजिलेंस ने इसे रंगे हाथ जो पकड़ा था। मामला मंडी का है। यहां जिला एवं सत्र न्यायाधीश मंडी बलदेव सिंह की विशेष अदालत ने 1800 रुपये घूस लेने वाले बिजली बोर्ड के एसडीओ धर्मेंद्र कुमार को तीन साल कठोर कारावास की सजा सुनाई है।
कारावास के साथ अदालत ने दस हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है। धर्मेंद्र कुमार हमीरपुर की नादौन तहसील के धनपुर (लाहार) का रहने वाला है। धर्मेंद्र कुमार 2005 में विद्युत उपमंडल मंडी में बतौर सहायक अभियंता (एसडीओ) कार्यरत था। उस समय मंडी न्यायालय परिसर में चल रहे काम का प्रभारी भी था। न्यायालय भवन में बिजली उपकरण लगवाने के लिए ठेका धीरज कुमार को दिया गया था।
विजिलेंस ने ऐसे पकड़ा रंगे हाथ
उन्हें निविदा अनुसार राशि का भुगतान कर दिया गया, लेकिन अंतिम बिल पर साइन करने के लिए धर्मेंद्र ने उनसे 1800 रुपये रिश्वत की मांग की। ठेकेदार धीरज ने 23 दिसंबर 2009 को विजिलेंस में प्राथमिकी दर्ज करवाई थी। विजिलेंस ने जाल बिछाया और रिश्वत की राशि देकर उसे आरोपी को सौंपने को कहा। धीरज ने धर्मेंद्र को रिश्वत की राशि सौंपी तो उन्होंने इसे अपनी जेब में रख लिया।
इस पर विजिलेंस ने धर्मेंद्र के हाथ धुलवाए तो रिश्वत की राशि में फिलाफथलीन पाउडर लगा होने के कारण पानी का रंग गुलाबी हो गया। इसके बाद धर्मेंद्र के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम की धारा 7 और 13(2) के तहत अभियोग चलाया गया। अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी करते हुए लोक अभियोजक मोनिका मल्होत्रा ने 15 गवाहों के बयान कलमबंद करवाकर अभियोग साबित किया।