चंबा के बाद अब कांगड़ा में दिखे वर्दीधारी संदिग्ध, तलाश जारी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हिमाचल में चंबा के बाद अब कांगड़ा जिले में भी सेना की वर्दी में एक संदिग्ध के देखे जाने की खबर है। यहां उपमंडल पालमपुर के गांव थुरल में एक संदिग्ध और दिखा है। फौजी वर्दी और गले में छोटी राइफल लटकाए इस संदिग्ध को शनिवार दोपहर एक महिला ने देखा।
जबकि, शुक्रवार शाम को थुरल इलाके की पंचायत बलोह में भी दो संदिग्ध बंदूक समेत फौजी वर्दी में दिखे थे। दो दिनों में संदिग्धों से दिखने से लोगों में दहशत है। शनिवार दोपहर थुरल के पास एक महिला अपने खेतों में घास काट रही थी।
महिला के अनुसार इतने में एक फौजी वर्दी पहने हुए गले में छोटी राइफल लटकाए एक व्यक्ति वहां उसके पास आया। उसने उससे पानी मांगा। लेकिन, वहां पर रखी उसकी पानी की बोतल को उसने खुद ही उठाया और पानी पी लिया।
संदिग्ध ने महिला से की अपने साथियों के बारे में पूछताछ
इस व्यक्ति ने महिला से पूछा कि उसके तीन साथी तो नहीं आए हैं यहां पर। यह कहकर वह वहां से चला गया। घनी झाडिय़ां होने से उसका कोई पता नहीं चला। महिला ने इसकी सूचना अपने बेटे को दी। इस पर वहां पर गांव के लोग आ गए।
पुलिस भी मौके पर पहुंची। महिला का यह भी कहना है कि वह बंदूक को अच्छी तरह पहचानती है। उनके घर में भी लाइसेंसी बंदूक है। लेकिन, उसने गले में जो राइफल लटकाई थी, वह अलग किस्म की थी।
थुरल इलाके के बलोह पंचायत में शुक्रवार शाम को दो संदिग्ध फौजी वर्दी में महिलाओं ने देखे थे, जो शोर मचते ही वहां से भाग गए थे। चौकी प्रभारी प्रेमपाल ने कहा कि पुलिस संदिग्धों की तलाश में लगी है। उन्होंने विभाग के उच्चाधिकारियों को इसके बारे में सूचित कर दिया है।
आईबी और पुलिस टीम ने छाना पुखरेड़ का जंगल
वहीं, जिला चंबा के भटियात के ककरोटी घट्टा में सेना की वर्दी में हथियारों के साथ दिखे तीन संदिग्धों का दूसरे दिन भी कोई सुराग नहीं लगा। शनिवार को पुलिस और आईबी टीम ने ककरोटी से सटे पुखरेड़ जंगल का चप्पा - चप्पा छाना।
आईबी अधिकारियों ने शिकायतकर्ता एवं प्रत्यक्षदर्शी डुगरेड़ निवासी लाल चंद के भी बयान लिए। लालचंद दूसरे दिन भी अपने बयान पर कायम रहा। उसने बताया कि शुक्रवार सुबह वह अपने खेतों में काम कर रहा था तो उसने सेना की वर्दी में तीन हथियार बंद लोगों को देखा।
उनमें से एक ने उससे जोल जाने का रास्ता पूछा। इसके बाद तीनों बिना कुछ कहे जंगल की ओर चले गए। बता दें कि दो दिनों से चल रहे सर्च अभियान से इलाके में दहशत का माहौल बना है। ग्रामीण घरों से बाहर नहीं निकल रहे हैं। लोग जंगल में घास-पत्ती लाने भी नहीं जा रहे हैं।
डीएसपी चंबा वीर बहादुर ने बताया कि शनिवार को पुलिस और आईबी की टीम ने संयुक्त रूप से जांच की। दो दिन जांच के बाद संदिग्धों का कोई सुराग नहीं मिला है। जिस व्यक्ति ने यह सूचना दी थी वह पहले भी विभिन्न मामलों को लेकर पुलिस के पास रिपोर्ट दर्ज करवा चुका है। ऐसे में सूचना कितनी विश्वसनीय है इसकी जांच चल रही है।