मोदी ने कहा, '...तो मैं छोड़ दूंगा राजनीति'
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हिमाचल के शहीद विक्रम बत्तरा मैदान पालमपुर में अपनी जनसभा से भाजपा के पीएम इन वेटिंग नरेंद्र मोदी ने 'ये दिल मांगे मोर' का नया नारा दिया।
अपने आधे घंटे के भाषण में मोदी ने इस नए नारे का इस्तेमाल पूर्व सैनिकों और युवाओं पर बार-बार किया। शुरुआती भाषण में मोदी ने कहा कि हिमाचल में सोमनाथ शर्मा का नाम लें तो सीना चौड़ा हो जाता है।
वहीं कारगिल हीरो विक्रम बत्तरा की बात करें तो यह दिल मांगे मोर। कारगिल युद्ध के दौरान विक्रम बत्तरा ये दिल मांगे मोर का नारा देते-देते शहीद हो गए थे।
आक्सीजन पर चल रही मां-बेटे की जिदंगी
मोदी ने कहा कि देश के 18 से 28 वर्ष के युवा इस चुनाव में रिस्क न लें। जैसे जमा दो की परीक्षा जिंदगी की टर्निंग प्वॉइंट होती है, उसी के लिहाज से वे केंद्र में मजबूत सरकार बनाने में सहयोग करें।
सोनिया और राहुल पर निशाना साधते हुए मोदी ने कहा कि केंद्र सरकार मां-बेटे की जिदंगी आक्सीजन पर चल रही है। उन्होंने कहा कि वह शासक नहीं सेवक बनने आए हैं, इसलिए जनता को हिमाचल की चारों सीटें उनकी झोली में डालनी होंगी।
उन्होंने जनता से कहा कि आपने कांग्रेस को 60 वर्ष दिए मुझे सिर्फ 60 महीने देकर देखो। मैं देश की तस्वीर बदल दूंगा। कांग्रेस ने 2009 के घोषणापत्र में 100 दिन में महंगाई घटाने का वायदा कर जनता से धोखा किया।
शहादत पर राजनीति न करें मोदी: गिरधारी लाल बतरा
भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी के पालमपुर में ‘ये दिल मांगे मोर’ बोलने पर कारगिल के शहीद विक्रम बतरा के पिता गिरधारी लाल बतरा ने कड़ी आपत्ति जताई है।
उन्होंने कहा कि शहीदों की शहादत पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। कारगिल युद्ध में विक्रम बत्तरा ने ‘ये दिल मांगे मोर’ नारा दिया था। अब ये शब्द शहादत के साथ जुड़े हैं।
इसका प्रयोग राजनीतिक मंच में करना शहादत का अपमान करने जैसा है। शब्दों में किसी शहीद को सम्मान नहीं दिया जा सकता है।
शहीद की मां को निर्विरोध चुनते
गिरधारी लाल बत्तरा ने कहा कि सम्मान ही देना था तो शहीद की मां कमलकांता बतरा (जो हमीरपुर से आप प्रत्याशी हैं) को निर्विरोध चुन कर संसद भेजते।
ये एक शहीद के लिए सच्ची श्रद्धांजलि होती। जब यूपी में मुलायम सिंह यादव की बहू डिंपल यादव निर्विरोध सांसद चुनी जा सकती हैं, तो एक शहीद की मां क्यों नहीं।
उन्होंने कहा कि शहीदों और शहादत पर राजनीति न हो।
मोदी ने दी सफाई
‘ये दिल मांगे मोर’ के बयान पर विवाद छिड़ने के बाद नरेंद्र मोदी ने सफाई देते हुए कहा है कि वे कारगिल शहीद कैप्टन विक्रम बत्तरा और उनके माता-पिता का बेहद सम्मान करते हैं। मोदी ने यहां तक कहा कि वह शहीदों का अपमान करने के बारे में सोच भी नहीं सकते, ऐसा करने के बजाय वह राजनीति छोड़ देंगे।
मोदी ने हैरानी जाहिर की कि यह कैसी राजनीति है, जहां कोई शहीदों को याद तक नहीं कर सकता। मोदी ने कहा कि कांग्रेस उनको निशाना बनाने के लिए सभी तरीके अपना रही है।
मोदी ने कहा कि मैं जब कोलकाता गया तो मैंने सुभाष चंद्र बोस को याद किया, जब झांसी गए तो रानी लक्ष्मी बाई को और जब मंगलवार को हिमाचल गया तो शहीद विक्रम बत्तरा को याद किया। लेकिन जब मैं अहमदाबाद लौटा तो मुझे पता चला कि मेरे राजनीतिक विरोधियों ने किस तरह मेरे बयान को तोड़ मरोड़ कर पेश किया है। इससे मैं बेहद आहत हूं। उन्होंने सवाल किया कि क्या एक शहीद को याद करना अपराध है। बत्तरा के माता-पिता ने बड़ा बलिदान दिया है, मैं उन्हें सलाम करता हूं।