हिमाचल के मंदिर में बड़ी चोरी, छह करोड़ की अष्टधातु के मोहरे गायब
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कुल्लू की बंजार घाटी के ढियों स्थित लोमश ऋषि मंदिर के मुख्य दरवाजे का कुंडा काट कर चोर देवता के चार प्राचीन अष्टधातु के मोहरे समेत अन्य सामान चुरा ले गए। चोरी हुए मोहरों और अन्य सामान की कीमत करीब छह करोड़ रुपये आंकी जा रही है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच में जुट गई। अभी तक चोरों का कोई सुराग नहीं लगा है।
चोरी की घटना से देव समाज में हड़कंप है। बंजार उपमंडल की सराज पंचायत के ढियों गांव में अधिष्ठाता देवता लोमश ऋषि के मंदिर से मंगलवार रात्रि ऐतिहासिक चार मोहरें चोरी हो गए। लोमश ऋषि के पुजारी देवेंद्र कुमार के अनुसार मंगलवार रात करीब 12 बजे तक साथ लगे घरों में रहने वाले पुजारी और गूर जाग रहे थे। इसके बाद चोर देवालय (कोठी) से देवता के मोहरे चुरा ले गए। उनके मुताबिक देवता लोमश ऋषि का रथ देवालय में नहीं था। इसे कोई अन्य भक्त दूसरे गांव में देव अनुष्ठान करने ले गया था।
कारदार का दावा, मोहरों और अन्य सामान की कीमत करीब छह करोड़
इसके चलते घरों और गांव में कम ही लोग थे। ग्रामीण सुबह पूजा करने देवालय गए तो उन्होंने मुख्य दरवाजे का कुंडा कटा हुआ पाया। ग्रामीणों ने देवालय के अंदर देखा तो पाया कि देवता की पालकी पर रखीं चार प्राचीन मोहरे गायब थीं। शातिर मोहरों के अलावा दान पात्र और ट्रंक भी ले उड़े हैं। मंदिर परिसर और मंदिर में सीसीटीवी न होने से अब पुलिस को जांच में दिक्कतें पेश आ रही हैं।
उधर, लोमश ऋषि के कारदार संगतराम ने बताया कि चोरी हुए मोहरे में एक बेशकीमती मोहर भी शामिल है। चारों प्राचीन मोहरों समेत अन्य सामान की कीमत करीब छह करोड़ है। शुक्रवार को देवता से पूछ डाली जाएगी। इधर, एसपी पद्म चंद ने बताया कि चोरी का जल्द पर्दाफाश किया जाएगा। मामले की जांच जारी है।