फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   There will be no change in section 118: Jairam

धारा 118 में नहीं होगा कोई बदलाव: जयराम

Tue, 27 Aug 2019 09:23 PM IST
Krishan Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Tue, 27 Aug 2019 09:23 PM IST
विज्ञापन
There will be no change in section 118: Jairam

मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने विधानसभा में कहा है कि धारा 118 में कोई बदलाव नहीं होगा। विपक्ष को धारा 118 को लेकर भ्रम हो गया है और उसे इससे बाहर आने की जरूरत है, क्योंकि वहम का कोई इलाज नहीं है। कांग्रेस ने अपने विभिन्न सरकारों के कार्यकाल में पांच बार संशोधन किया है। प्रदेश के हितों की रक्षा सभी को मिलकर करनी होगी। कांग्रेस ने वर्ष 2015 से 17 तक कुल 1061 मंजूरी धारा 118 के तहत दी, जबकि वर्तमान सरकार ने अभी कर 500 मंजूरियां दीं।

विज्ञापन

यह भी पढ़ें:   हिमाचल विधानसभा सत्र: होटल ठेके पर देने के आरोप में विपक्ष का वाकआउट, सीएम ने बिठाई जांच
विज्ञापन

धारा 118 की मंजूरी अब ऑनलाइन की जाएगी, जिससे समय की बचत हो। पहले यह मंजूरी लेने में चार पांच साल लगते थे। प्रदेश विधानसभा में मंगलवार को नियम 62 के तहत कांग्रेस विधायक विक्रमादित्य सिंह के धारा 118 में बदलाव को नियम 62 के तहत ध्यानाकर्षण प्रस्ताव रखा। प्रदेश में शंका का माहौल पैदा कर दिया है। प्रदेश के किसान भूमि से वंचित न हो। इसके लिए डॉ. वाईएस परमार ने धारा 118 को लागू किया।

विज्ञापन
विज्ञापन

कांग्रेस अड़ंगा डालने का प्रयास कर रही

इसके जवाब में मुख्यमंत्री ने आशंका जताई कि इसका असर प्रदेश सरकार की नवंबर में प्रस्तावित इनवेस्टर मीट पर भी पड़ सकता है। यह प्रदेश के विकास के लिए सही नहीं होगा।

पूर्व कांग्रेस सरकार ने भी अपने शासनकाल में औद्योगिक निवेश का प्रयास किया था। इसमें सफल नहीं हुए। अब मौजूदा सरकार निवेश की दिशा में बढ़ रही है तो कांग्रेस को इससे ईर्ष्या पैदा हो गई है और अड़ंगा डालने का प्रयास कर रही है।

ठाकुर ने विपक्ष से कहा कि वह ऐसी धारणा न बनने दें कि हिमाचल में निवेश सुरक्षित नहीं है। धारा 118 में न तो बदलाव की जरूरत है और न ही बदलाव करना चाहिए।

उन्होंने अकाली नेता सुखबीर सिंह बादल और ओवैसी के संसद में यह मुद्दा उठाए जाने पर कहा कि इन दोनों ही नेताओं को धारा 118 और 35ए को आपस में नहीं जोड़ना चाहिए था।

ये दोनों धाराएं बिलकुल अलग हैं। बाहरी राज्यों के लोग हिमाचल में कृषक नहीं बन सकते, लेकिन अनुमति लेकर मकान के लिए जमीन खरीद सकते हैं। अनुच्छेद 370 को कई लोगों ने दिल से स्वीकार किया है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed