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Shimla News: पैदल चलने के लिए न फुटपाथ, पार्किंग की भी कमी, घरों के आगे लटक रही पेड़ों की टहनियां

Sat, 24 Oct 2026 11:59 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sat, 24 Oct 2026 11:59 PM IST
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There are no sidewalks, no parking, and tree branches hanging over houses.
न्यू शिमला के सेक्टर-4 में नई टाउनशिप तो विकसित हुई लेकिन नियोजन के अभाव में हजारों लोग परेशान हैं। हालात ऐसे हैं कि कुछ लोगों ने अपने घर तक बेचने की योजना बना ली है। वहीं सड़कों पर तेज रफ्तार से दौड़ते वाहनों से भी लोग परेशान हैं। पैदल चलने के लिए न तो फुटपाथ हैं और पार्किंग की भी कमी है। पेश है संवाददाता सुमित ठाकुर की रिपोर्ट :-
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संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। राजधानी के न्यू शिमला सेक्टर-4 के शिमला डेवलपमेंट अथॉरिटी (एसडीए) फेज-2 में बुनियादी सुविधाओं की कमी से लोग परेशान हैं। लोगों के घरों के बाहर पार्किंग नहीं है।
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पेड़ों की टहनियां बालकनी तक पहुंच गई हैं, जबकि बिजली के तार घरों के ऊपर से गुजर रहे हैं। इससे करंट लगने का खतरा बना हुआ है। बालकनी तक पहुंची पेड़ों की टहनियों के सहारे बंदर घरों में घुस जाते हैं। इससे खासकर बुजुर्गों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। कई बुजुर्ग घरों में रहने को मजबूर हैं।
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शहर में आवास की बढ़ती मांग और आबादी के दबाव को देखते हुए कई साल पहले नई आवासीय टाउनशिप विकसित की गई थी। हिमुडा ने यहां लोगों को फ्लैट और प्लॉट आवंटित किए लेकिन स्थानीय लोगों का आरोप है कि नियोजन की कमी के कारण उन्हें बुनियादी सुविधाओं के बजाय असुविधाओं का सामना करना पड़ रहा है। सैकड़ों लोगों की समस्याओं का समाधान न तो हिमुडा कर रहा है और न ही नगर निगम। स्थानीय निवासी संजीव शर्मा, व्योमेश शर्मा, पीसी शर्मा और मुकेश ने बताया कि हाईटेंशन बिजली लाइनों को भूमिगत करने की उचित व्यवस्था नहीं होने से लोगों की सुरक्षा पर खतरा बना हुआ है।
डीएवी स्कूल तक चलने वाली एचआरटीसी की बड़ी बसों की आवाजाही से कई बार जाम लग जाता है। आवासीय सड़कों पर वाहनों के तेज रफ्तार के कारण बच्चे और बुजुर्ग पैदल चलने से डरते हैं। उन्होंने सड़कों पर स्पीड ब्रेकर लगाने की मांग की। साथ ही सड़कों की समय पर टारिंग करवाने की जरूरत भी बताई। स्थानीय लोगों का आरोप है कि नगर निगम उनकी मांगों को लगातार अनसुना कर रहा है। रेन शेल्टर में लगा वॉटर एटीएम भी कई साल से खराब पड़ा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो वह आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। नगर निगम के न्यू शिमला वार्ड की पार्षद निशा ठाकुर ने बताया कि क्षेत्र में अधिकांश कार्य पूरे कर लिए हैं। सड़कों की टारिंग के लिए टेंडर जारी किए हैं और जल्द ही इन्हें पक्का करवाया जाएगा।


सेक्टर चार की पांच बड़ी समस्याएं
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टरों और स्टाफ की कमी
निजी कॉलोनी के टिप्परों से हादसों का खतरा

सोसायटी के पार्क बाहरी लोगों को बेचने का आरोप
बसों का सड़कों के किनारे खड़ा रहना व पार्किंग की कमी

सेक्टर-4 की सोसायटी में सार्वजनिक शौचालय नहीं




आंकड़ों में जानें सोसायटी
सोसायटी का पंजीकरण वर्ष 2018 में हुआ
5,000 लोग सोसायटी में रहते हैं।
सोसायटी में हैं 14 ब्लॉक, 158 फ्लैट और 120 प्लॉट



स्कूल की गाड़ियों के लिए बने पार्किंग
डीएवी स्कूल में आने वाली गाड़ियां स्कूल का समय समाप्त होने के बाद भी दिनभर सड़कों के किनारे खड़ी रहती हैं। स्कूल परिसर के पास अलग पार्किंग बनाई जानी चाहिए, ताकि स्थानीय लोगों को राहत मिल सके।
-अमर पाल कोचड़, अध्यक्ष, वेलफेयर एसोसिएशन


बिजली तार भूमिगत किए जाएं
हाईटेंशन बिजली लाइनों को भूमिगत किया जाना चाहिए ताकि करंट लगने का खतरा खत्म हो सके। घरों के बाहर पेड़ों की टहनियों की उचित छंटाई भी जरूरी है। टहनियां बालकनी तक पहुंचने के कारण बंदर और लंगूर छलांग लगाकर घरों में घुस जाते हैं।
-एके महाजन, स्थानीय निवासी


एंबुलेंस के लिए रास्ता नहीं
आपातकालीन स्थिति में एंबुलेंस के लिए अलग वैकल्पिक रास्ता नहीं है। एक ही सड़क से पूरा ट्रैफिक गुजरता है। हिमुडा और नगर निगम को वैकल्पिक सड़क बनाने की व्यवस्था करनी चाहिए। तेज रफ्तार वाहनों पर लगाम लगाने के लिए स्पीड ब्रेकर भी लगाए जाएं।

-राजेश शर्मा, महासचिव, वेलफेयर एसोसिएशन


सामुदायिक केंद्र और थियेटर की सुविधा नहीं
क्षेत्र में सामुदायिक केंद्र की सुविधा नहीं है। थियेटर बनाने के जो वादे किए थे, वह अब तक पूरे नहीं हुए हैं। इसके अलावा, निजी कॉलोनी के टिप्पर भी इसी क्षेत्र से गुजरते हैं, जिससे लोगों को शोर-शराबे की समस्या का सामना करना पड़ता है।
-ऊषा सूद, स्थानीय निवासी
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