फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   The youth entered the Himachal border from Leh on foot for four days, quarantined

चार दिन पैदल चलकर लेह से हिमाचल सीमा में घुसा युवक, क्वारंटीन किया

Fri, 22 May 2020 04:42 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला नेटवर्क, केलांग/उदयपुर (लाहौल-स्पीति)
अमर उजाला नेटवर्क, केलांग/उदयपुर (लाहौल-स्पीति) Published by: Krishan Singh Updated Fri, 22 May 2020 04:42 PM IST
विज्ञापन
The youth entered the Himachal border from Leh on foot for four days, quarantined
केलांग पहुंचा युवक - फोटो : अमर उजाला

लॉकडाउन के बीच बॉर्डर सील होने के बावजूद एक व्यक्ति चार दिन पैदल चलकर हिमाचल की सरहद में घुसकर जिला मुख्यालय केलांग पहुंच गया। नेपाली मूल के इस शख्स को लाहौल के दारचा स्थित चेकपोस्ट में पकड़ा गया। वह 14 हजार फीट ऊंचा बारालाचा दर्रा पार कर पैदल ही लाहौल पहुंच गया। दब बहादुर (33) को केलांग में संस्थागत क्वारंटीन सेंटर में रखा गया है। स्वास्थ्य विभाग ने उसका सैंपल जांच के लिए नेरचौक मेडिकल कॉलेज भेजा है। लद्दाख में कोरोना के मामले होने से डीसी लाहौल-स्पीति केके सरोच ने पहले ही डीसी लेह और कारगिल के डीसी को पत्र लिखकर हिमाचल की तरफ लोगों की आवाजाही रोकने को कहा है।

विज्ञापन


पत्र में स्पष्ट कहा है कि अगर कोई हिमाचल की तरफ आता है तो उसे बॉर्डर से वापस भेजा जाएगा। उधर, कृषि मंत्री डॉ. रामलाल मारकंडा ने बताया कि नेपाली मूल का यह व्यक्ति रोजगार नहीं मिलने से हिमाचल की तरफ चल पड़ा। बारालाचा दर्रा होकर चार दिन पैदल चलकर लाहौल घाटी में पहुंचा। उसे दारचा चेकपोस्ट पर रोका गया। कोविड-19 के सर्विलेंस अधिकारी एवं बीएमओ डॉ. रणजीत वैद्य ने बताया कि दब बहादुर को संस्थागत क्वारंटीन किया गया है। सैंपल जांच को नेरचौक मेडिकल कॉलेज भेजा है। मारकंडा ने कहा कि मनाली-लेह सड़क के साथ अब वाया शिंकुला के रूट पर भी पुलिस को कड़ी नजर रखनी होगी।

विज्ञापन

क्वारंटीन की बजाय हरियाणा से गोंदपुर दवा उद्योग पहुंच गया कंपनी का अफसर

वहीं, पांवटा साहिब के गोंदपुर की एक दवाई इकाई में हरियाणा के ऑरेंज जोन  से पहुंचे कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी को लेकर खूब हंगामा हुआ। अधिकारी गुरुवार को पहुंचा था। लेकिन, होम क्वारंटीन की बजाय वह सीधा इकाई परिसर में पहुंच गया। अधिकारी इकाई परिसर के एक कमरे में ही क्वारंटीन में रहने की जिद्द पर अड़ गया। पंचायत प्रतिनिधियों और ग्रामीणों के विरोध पर आखिर में दवा इकाई का अधिकारी किराये के कमरे में 14 दिनों तक होम क्वारंटीन पर रहने को राजी हुआ।  

पांवटा नगर परिषद कमेटी उपाध्यक्ष राजेंद्र सिंह मान, ग्राम पंचायत अमरकोट के प्रधान राकेश महरालू , पूर्व प्रधान सुरजीत सिंह, उप प्रधान गुलशेर मोहम्मद और अरमान समेत ग्रामीणों ने कहा कि  24 मार्च से लॉकडाउन के बाद प्लांट बंद हुआ। इकाई का अधिकारी हरियाणा के भिवानी चला गया। सरकार के निर्देश के बाद अप्रैल से इकाई शुरु हो गई। गुरुवार को दवा इकाई का अधिकारी ई पास लेकर अपने इकाई के ट्रक में पांवटा पहुंचा। इसको 14 दिनों के होम क्वारंटीन पर भेज दिया। लेकिन, तारुवाला अपने कमरे जाने की जगह वह ट्रक में ही इकाई परिसर में पहुंच गया। उधर, सिविल अस्पताल पांवटा की चिकित्सक डॉ. मीनाक्षी चौहान ने कहा कि सूचना मिलने पर टीम सहित तारुवाला पहुंची। हरियाणा के भिवानी ऑरेंज जोन से पहुंचे गोंदपुर की दवा इकाई के अधिकारी का मेडिकल चैकअप कर लिया गया है। इसके बाद 14 दिनों तक तारुवाला में ही होम क्वारंटीन पर रखा गया है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed