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Shimla News: ग्रीन परिसर में बदलेगा विवि, पर्यावरण के अनुकूल होगा हर कार्य
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पीएम-उषा योजना के तहत पर्यावरणीय स्थिरता पर शोध परियोजना शुरू, संरक्षण के लिए किए जाएंगे कार्य
ऊर्जा संरक्षण, अपशिष्ट प्रबंधन, जल संरक्षण पर होंगे शोध
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (एचपीयू) शिमला ने परिसर को पर्यावरण अनुकूल बनाने की दिशा में केंद्र सरकार की पीएम-उषा योजना (पीएम-उषा) के एमईआरयू घटक के तहत विश्वविद्यालय में ग्रीन प्रैक्टिसेज को अपनाने पर शोध परियोजना आरंभ की है।
इसमें ऐसी गतिविधियां शुरू की जाएंगी जो पर्यावरण पर नकारात्मक प्रभाव को कम करती हैं। इससे पूरा विवि एक ग्रीन परिसर में बदला जाएगा। इस परियोजना का उद्देश्य विश्वविद्यालय परिसर में पर्यावरणीय स्थिरता और संस्थागत प्रभावशीलता को बढ़ावा देना है। परियोजना का शीर्षक हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में ग्रीन प्रैक्टिसेज को अपनाना : स्थिरता और प्रभावशीलता की ओर एक कदम रखा है। इसके तहत विश्वविद्यालय में ऊर्जा संरक्षण, अपशिष्ट प्रबंधन, जल संरक्षण, हरित परिवहन और पर्यावरण अनुकूल नीतियों के क्रियान्वयन का अध्ययन किया जाएगा। साथ ही यह भी आंका जाएगा कि इन उपायों से संस्थान की कार्यकुशलता और संसाधनों के उपयोग में किस प्रकार सुधार लाया जा सकता है।
परियोजना के माध्यम से प्राप्त निष्कर्षों के आधार पर भविष्य में एचपीयू को ग्रीन कैंपस के रूप में विकसित करने की रणनीति तैयार की जाएगी। परियोजना के प्रधान अन्वेषक डॉ. विनोद नेगी के नेतृत्व में यह शोध कार्य संचालित होगा। अधिकारियों का मानना है कि यह कदम एचपीयू को राष्ट्रीय स्तर पर एक मॉडल ग्रीन यूनिवर्सिटी के रूप में स्थापित करने की दिशा में अहम साबित हो सकता है।
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रिसर्च असिस्टेंट की होगी नियुक्ति
इस परियोजना के तहत एक रिसर्च असिस्टेंट इन्वेस्टिगेटर की अस्थायी नियुक्ति भी की जाएगी। यह पद पूरी तरह मानदेय आधार पर होगा जिसकी अवधि पांच माह निर्धारित की है और चयनित अभ्यर्थी को 35 हजार रुपये प्रतिमाह समेकित पारिश्रमिक दिया जाएगा। आवेदन के लिए प्रबंधन विषय में न्यूनतम 55 प्रतिशत अंकों के साथ परास्नातक (पीजी) योग्यता अनिवार्य रखी है जबकि नेट, एमफिल या पीएचडी तथा शोध सर्वे का अनुभव रखने वाले उम्मीदवारों को वरीयता दी जाएगी। इच्छुक अभ्यर्थियों को 30 अप्रैल तक सादे कागज पर आवेदन और एक पृष्ठ का बायोडाटा प्रमाणपत्रों की सत्यापित प्रतियों सहित जमा करना होगा। चयनित अभ्यर्थियों की सूची एचपीयू बिजनेस स्कूल की वेबसाइट पर जारी की जाएगी।
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ऊर्जा संरक्षण, अपशिष्ट प्रबंधन, जल संरक्षण पर होंगे शोध
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (एचपीयू) शिमला ने परिसर को पर्यावरण अनुकूल बनाने की दिशा में केंद्र सरकार की पीएम-उषा योजना (पीएम-उषा) के एमईआरयू घटक के तहत विश्वविद्यालय में ग्रीन प्रैक्टिसेज को अपनाने पर शोध परियोजना आरंभ की है।
इसमें ऐसी गतिविधियां शुरू की जाएंगी जो पर्यावरण पर नकारात्मक प्रभाव को कम करती हैं। इससे पूरा विवि एक ग्रीन परिसर में बदला जाएगा। इस परियोजना का उद्देश्य विश्वविद्यालय परिसर में पर्यावरणीय स्थिरता और संस्थागत प्रभावशीलता को बढ़ावा देना है। परियोजना का शीर्षक हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में ग्रीन प्रैक्टिसेज को अपनाना : स्थिरता और प्रभावशीलता की ओर एक कदम रखा है। इसके तहत विश्वविद्यालय में ऊर्जा संरक्षण, अपशिष्ट प्रबंधन, जल संरक्षण, हरित परिवहन और पर्यावरण अनुकूल नीतियों के क्रियान्वयन का अध्ययन किया जाएगा। साथ ही यह भी आंका जाएगा कि इन उपायों से संस्थान की कार्यकुशलता और संसाधनों के उपयोग में किस प्रकार सुधार लाया जा सकता है।
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परियोजना के माध्यम से प्राप्त निष्कर्षों के आधार पर भविष्य में एचपीयू को ग्रीन कैंपस के रूप में विकसित करने की रणनीति तैयार की जाएगी। परियोजना के प्रधान अन्वेषक डॉ. विनोद नेगी के नेतृत्व में यह शोध कार्य संचालित होगा। अधिकारियों का मानना है कि यह कदम एचपीयू को राष्ट्रीय स्तर पर एक मॉडल ग्रीन यूनिवर्सिटी के रूप में स्थापित करने की दिशा में अहम साबित हो सकता है।
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रिसर्च असिस्टेंट की होगी नियुक्ति
इस परियोजना के तहत एक रिसर्च असिस्टेंट इन्वेस्टिगेटर की अस्थायी नियुक्ति भी की जाएगी। यह पद पूरी तरह मानदेय आधार पर होगा जिसकी अवधि पांच माह निर्धारित की है और चयनित अभ्यर्थी को 35 हजार रुपये प्रतिमाह समेकित पारिश्रमिक दिया जाएगा। आवेदन के लिए प्रबंधन विषय में न्यूनतम 55 प्रतिशत अंकों के साथ परास्नातक (पीजी) योग्यता अनिवार्य रखी है जबकि नेट, एमफिल या पीएचडी तथा शोध सर्वे का अनुभव रखने वाले उम्मीदवारों को वरीयता दी जाएगी। इच्छुक अभ्यर्थियों को 30 अप्रैल तक सादे कागज पर आवेदन और एक पृष्ठ का बायोडाटा प्रमाणपत्रों की सत्यापित प्रतियों सहित जमा करना होगा। चयनित अभ्यर्थियों की सूची एचपीयू बिजनेस स्कूल की वेबसाइट पर जारी की जाएगी।