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किन्नौर: पीएम मोदी के समक्ष रखी चीन सीमा से जुड़े गांवों की व्यथा

Wed, 23 Feb 2022 08:42 PM IST
Krishan Singh संवाद न्यूज एजेंसी, रिकांगपिओ (किन्नौर)
संवाद न्यूज एजेंसी, रिकांगपिओ (किन्नौर) Published by: Krishan Singh Updated Wed, 23 Feb 2022 08:42 PM IST
सार

  डीसी किन्नौर आबिद हुसैन सादिक ने कहा कि किन्नौर और लाहौल-स्पीति के करीब 158 गांव चीन सीमा से लगते हैं। इनमें किन्नौर जिले के 129 और 69 गांव लाहौल-स्पीति जिले के हैं। 

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The suffering of the villages connected with the China border put before PM Modi Kinnaur
वेबिनार में डीसी किन्नौर व अन्य अधिकारी। - फोटो : संवाद

विस्तार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केंद्रीय बजट के सकारात्मक प्रभाव और वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम पर आयोजित वेबिनार में बुधवार को नई दिल्ली से ऑनलाइन शिरकत की। इसमें डीसी किन्नौर आबिद हुसैन सादिक ने प्रदेश के सीमावर्ती गांवों के विकास को लेकर पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से विकास कार्यों में तीव्रता लाने के लिए सुझाव रखे। डीसी ने कहा कि किन्नौर और लाहौल-स्पीति के करीब 158 गांव चीन सीमा से लगते हैं। इनमें किन्नौर जिले के 129 और 69 गांव लाहौल-स्पीति जिले के हैं। 39 गांव एलएसी से 10-20 किमी की दूरी पर हैं। 20 गांव शेडो-विलेज श्रेणी और 40 लोअर-सिग्नल श्रेणी में आते हैं, जहां पर दूरसंचार व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए 450 किलोमीटर ऑप्टिकल फाइबर बिछाने की आवश्यकता है, जिस पर करीब 50 करोड़ रुपये व्यय होंगे। 

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वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम के तहत युवा उद्यमियों को 15 प्रतिशत अतिरिक्त उपदान दिया जाए। प्रत्येक घर में चरणबद्ध तरीके से 250 वाट रूफ टॉप सोलर ऊर्जा संयंत्र लगाने की आवश्यकता है। उन्होंने जिले की एलएसी के नजदीक की चोटियों को सड़क सुविधा से जोड़ने की आवश्यकता पर बल दिया है। यहां पेयजल, विद्युत, सिंचाई और दूरसंचार सुविधाएं उपलब्ध करवाना भी आवश्यक है। खेल मैदान के निर्माण, सीमावर्ती गांव में पर्यटन से संबंधित गतिविधियां जिनमें रज्जू-मार्ग, स्कीइंग अधोसंरचना, ईको-पर्यटन, होम-स्टे, स्काई-वॉक जैसी गतिविधियां और प्रशिक्षण देने का सुझाव दिया। इसके अलावा विदेशी पर्यटकों को ताबो तक जाने की अनुमति देने को भी कहा। उन्होंने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना मापदंड में भी छूट देने, जिले में राष्ट्रीय और राज्यस्तरीय जनजातीय उत्सव आयोजित करने का भी सुझाव दिया। 
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प्राकृतिक खेती को दें बढ़ावा 
कोठी पंचायत के प्रधान ओम प्रकाश ने जिले के सीमावर्ती क्षेत्रों में दूरसंचार नेटवर्क और सड़क सुविधाओं को सुदृढ़ करने, मूरंग गांव के प्रगतिशील किसान जीत राम नेगी ने प्राकृतिक खेती के लिए अलग से विपणन सेवा सृजित करने तथा प्राकृतिक खेती से जुड़े किसानों को राष्ट्रीय स्तर पर होने वाली प्रदर्शनियों में स्टाल उपलब्ध करवाने का आग्रह किया। इस मौके पर पुलिस अधीक्षक अशोक रत्न और आईटीडीपी की परियोजना अधिकारी बिमला वर्मा मौजूद रहे।

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