{"_id":"6a64c4b6cc5c6f42400b9c98","slug":"the-story-of-an-employees-struggles-depicted-in-the-play-babu-daftari-shimla-news-c-19-sml1002-759108-2026-07-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"Shimla News: बाबू दफ्तरी नाटक में दिखाई \nकर्मचारी के संघर्षों की कहानी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Shimla News: बाबू दफ्तरी नाटक में दिखाई कर्मचारी के संघर्षों की कहानी
विज्ञापन
गेयटी के गौथिक हॉल में हुआ नाटक का मंचन
फिल्मकार शौर्य वीर सागर ने किया नाटक का निर्देशन
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। गेयटी थियेटर के गौथिक हॉल में शनिवार को शौर्यागेट संस्था की ओर से मौलिक हिंदी सामाजिक नाटक बाबू दफ्तरी का मंचन किया गया। शाम 5:30 बजे शुरू हुई इस प्रस्तुति में एक सरकारी कर्मचारी के जीवन के उस मानवीय पक्ष को सामने लाया गया जो अक्सर सरकारी फाइलों और कार्यालयी प्रक्रियाओं के पीछे छिप जाता है। रंगकर्मी और फिल्मकार शौर्य वीर सागर के लेखन एवं निर्देशन में बनी यह कहानी एक ऐसे सरकारी कर्मचारी की है जो सम्मान, पहचान, आर्थिक सुरक्षा, परिवार के बेहतर भविष्य और ईमानदारी से समाज की सेवा करने का सपना देखता है लेकिन नौकरशाही की जटिलताओं, प्रशासनिक दबाव, भ्रष्टाचार, सामाजिक असमानताओं, जनता की अपेक्षाओं और बदलते सामाजिक मूल्यों के बीच उसके सपनों और सिद्धांतों की निरंतर परीक्षा होती है। इस दौरान मंच पर शौर्य वीर सागर, राम प्रसिद्ध यादव, धीरज रघुवंशी, कंवर रविंद्र सिंह, नीरज रघुवंशी, दिव्या सागर, ऋतु रघुवंशी, हर्षांइंदर मेहता और आशुतोष शर्मा ने कलाकारों की भूमिका निभाई। संवाद
विज्ञापन
फिल्मकार शौर्य वीर सागर ने किया नाटक का निर्देशन
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। गेयटी थियेटर के गौथिक हॉल में शनिवार को शौर्यागेट संस्था की ओर से मौलिक हिंदी सामाजिक नाटक बाबू दफ्तरी का मंचन किया गया। शाम 5:30 बजे शुरू हुई इस प्रस्तुति में एक सरकारी कर्मचारी के जीवन के उस मानवीय पक्ष को सामने लाया गया जो अक्सर सरकारी फाइलों और कार्यालयी प्रक्रियाओं के पीछे छिप जाता है। रंगकर्मी और फिल्मकार शौर्य वीर सागर के लेखन एवं निर्देशन में बनी यह कहानी एक ऐसे सरकारी कर्मचारी की है जो सम्मान, पहचान, आर्थिक सुरक्षा, परिवार के बेहतर भविष्य और ईमानदारी से समाज की सेवा करने का सपना देखता है लेकिन नौकरशाही की जटिलताओं, प्रशासनिक दबाव, भ्रष्टाचार, सामाजिक असमानताओं, जनता की अपेक्षाओं और बदलते सामाजिक मूल्यों के बीच उसके सपनों और सिद्धांतों की निरंतर परीक्षा होती है। इस दौरान मंच पर शौर्य वीर सागर, राम प्रसिद्ध यादव, धीरज रघुवंशी, कंवर रविंद्र सिंह, नीरज रघुवंशी, दिव्या सागर, ऋतु रघुवंशी, हर्षांइंदर मेहता और आशुतोष शर्मा ने कलाकारों की भूमिका निभाई। संवाद