प्रदेश के छात्र शोघी से करेंगे तारामंडल की सैर
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हिमाचल में स्कूल-कॉलेजों में पढ़ने वाले छात्र अब सौरमंडल पर लाइव स्टडी कर सकेंगे। इसके लिए शिमला से सटे शोघी के आनंदपुर में प्रदेश का पहला साइंस लर्निंग सेंटर बनेगा।
इस सेंटर में जापान, बर्लिन, नार्वे, कोलकाता और लखनऊ की तर्ज पर तारामंडल (प्लेनेटेरियम) बनेगा। इतना ही नहीं, इस सेंटर में किसानों-बागवानों को भी आधुनिक तकनीक की जानकारी दी जाएगी।
यहां प्रस्तावित रिमोट सेंसिंग सेंटर में बर्फ, ग्लेश्यिरों, नदियों व जंगलों की स्थिति से भी रूबरू कराया जाएगा। तारामंडल के निर्माण की नीव इसी महीने के अंत तक पड़ जाएगी।
भूकंपरोधी भवनों के निर्माण, रेन वाटर हार्वेस्टिंग, वेस्ट वाटर रिसाइक लिंग, सोलर एनर्जी के बारे में भी जानकारी दी जाएगी। साइंस लर्निंग सेंटर में बायोडायवर्सिटी पार्क, रिमोट सेंसिंग सेंटर और साइंस म्यूजियम के अलावा अर्थ साइंस, एस्ट्रोनॉमी, एनवायरनमेंट, मैथ, फिजिक्स और केमिस्ट्री की आधुनिक प्रयोगशालाएं होंगी।
ग्यारह करोड़ रुपये होंगे खर्च
शोघी में करीब एक हेक्टेयर में बनने वाले साइंस लर्निंग सेंटर पर कुल 11 करोड़ रुपये खर्च होंगे। सेंटर में प्रस्तावित प्लेनेटेरियम ही करीब 1.7 करोड़ में बनेगा।
इसके लिए कोलकाता के साइंस म्यूजियम, पंजाब और दिल्ली के विषय विशेषज्ञों सहित प्रदेश के शिक्षाविदों का सहयोग लिया जाएगा। सेंटर का निर्माण हिमाचल प्रदेश पर्यावरण एवं विज्ञान तकनीक विभाग की ओर से किया जा रहा है।
हालांकि, इन सुविधाओं के लिए अभी पांच साल का इंतजार करना होगा। सेंटर में हिमाचल की संस्कृति को दर्शाता एक कॉर्नर भी होगा।
विज्ञान के प्रचार-प्रसार के लिए प्रदेश पहला साइंस लर्निंग सेंटर बनाया जा रहा है। पहले चरण में यहां प्लेनेटेरियम बनेगा। सेंटर से स्टूडेंट्स, किसान, आम लोगों के साथ-साथ पर्यटकों को भी फायदा होगा। यहां पर हिमाचल से जुड़ी हर तरह की जानकारी उपलब्ध होगी।