हाजिरी पूरी नहीं होने पर स्कूल ने अब 14 नेशनल खिलाड़ी निकाले
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‘खेलो इंडिया’ के प्रोत्साहन की बातें और पदक की आशाओं के बीच अगर खिलाड़ियों को स्कूलों से कम हाजिरी बताकर निकाला जा रहा है तो यह अभियान फिर कैसे सफल होगा। पहले एक इंटरनेशनल खिलाड़ी और अब 14 नेशनल खिलाड़ियों को वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बिलासपुर (छात्र) ने इसलिए बाहर कर दिया कि उनकी स्कूल में हाजिरी कम थी।
ये सभी खिलाड़ी खेलो इंडिया स्टेट लेवल सेंटर (साई) में कोचिंग लेते हैं और बॉक्सिंग, कबड्डी में नेशनल तक खेलते हैं। स्कूल प्रिंसिपल ने खिलाड़ी छात्रों की कम हाजिरी को इसका कारण बताया है। इससे पहले हंगरी में बॉक्सिंग प्रतियोगिता में पदक जीतने वाले इंटरनेशनल खिलाड़ी नवराज चौहान को भी इसी मामले में स्कूल से बाहर कर दिया था।
स्कूल प्रबंधन जिस प्रकार से इंटरनेशनल और नेशनल खिलाड़ियों को स्कूल से बाहर का रास्ता दिखा रहा है, वह अपने आप में खेलो इंडिया अभियान के लिए बड़ा धक्का है। जहां एक ओर केंद्र और राज्य सरकार खेलों को बढ़ावा देने के बड़े-बड़े दावे करती है, वहीं धरातल पर ये दावे हवा होते नजर आ रहे हैं। इंटरनेशनल खिलाड़ी को यह बोलकर स्कूल से निकाला कि तुम स्कूल के लिए नहीं साई के लिए खेलते हो।
अब सवाल उठता है कि क्या देश से बड़ा स्कूल है? नवराज चौहान ने बताया कि जब वह अपने कोच के साथ उपशिक्षा निदेशक के कार्यालय में गया तो वहां भी उन्हें अपमानित किया गया और कहा कि यह कार्यालय कोई गुरुद्वारा नहीं है। अब इसी स्कूल में पढ़ने वाले बॉक्सिंग और कबड्डी के 14 नेशनल खिलाड़ियों को हाजिरी कम होने की बात कहकर स्कूल से बाहर कर दिया है।
अनुशासनहीनता यानी स्कूल में जरूरी 75 प्रतिशत से कहीं कम हाजिरी के चलते इन खिलाड़ियों को स्कूल से बाहर निकाला गया है। - जीवन ज्योति शर्मा, स्कूल प्रधानाचार्य
साई के 14 खिलाड़ियों को स्कूल से बाहर निकाल दिया है। इस संबंध में शुक्रवार को उपायुक्त बिलासपुर से मिलेंगे। यह पहली बार हो रहा है कि इंटरनेशनल और नेशनल खिलाड़ियों से ऐसा व्यवहार किया जा रहा है। - जयपाल चंदेल, प्रभारी, साई
इस संबंध में शिक्षा विभाग और साई हॉस्टल प्रभारी से बात करेंगे और बीच का रास्ता निकाला जाएगा, ताकि इंटरनेशनल और नेशनल खिलाड़ियों की पढ़ाई प्रभावित न हो। - राजेश्वर गोयल, उपायुक्त, बिलासपुर