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Shimla: पांच किलो चरस रखने के दोषियों की सजा हिमाचल हाईकोर्ट से बरकरार
Fri, 28 Oct 2022 11:38 AM IST
Krishan Singh
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Fri, 28 Oct 2022 11:38 AM IST
सार
प्रदेश हाईकोर्ट ने 5 किलोग्राम चरस रखने के दो दोषियों को सुनाई गई सजा को बरकरार रखा है। सिरमौर निवासी अनिल कुमार और रमेश चंद को निचली अदालत ने सात-सात साल की कठोर कारावास की सजा सुनाई थी।
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हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने 5 किलोग्राम चरस रखने के दो दोषियों को सुनाई गई सजा को बरकरार रखा है। सिरमौर निवासी अनिल कुमार और रमेश चंद को निचली अदालत ने सात-सात साल की कठोर कारावास की सजा सुनाई थी। निचली अदालत ने दोनों को 50-50 रुपये का जुर्माना भी लगाया। न्यायाधीश सत्येन वैद्य ने इनकी अपीलों को खारिज करते हुए निचली अदालत के निर्णय को सही ठहराया है। 23 मई 2013 को पांवटा पुलिस ने राजवन के पास नाका लगाया था। दोनों दोषी बद्रीपुर की तरफ से स्कूटर पर आ रहे थे।
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तलाशी के दौरान पुलिस ने थैले से 5 किलोग्राम चरस बरामद की। मामले की जांच के बाद अभियोजन पक्ष ने दोषियों के खिलाफ निचली अदालत में अभियोग चलाया। अभियोजन पक्ष ने दोषियों के खिलाफ अभियोग साबित करने के लिए 10 गवाह पेश किए। निचली अदालत ने पाया कि अभियोजन पक्ष दोषियों के खिलाफ अभियोग साबित करने में सफल रहा है। इस निर्णय को दोषियों ने हाईकोर्ट के समक्ष अपील के माध्यम से चुनौती दी। हाईकोर्ट ने मामले से जुड़े तमाम रिकॉर्ड का अवलोकन करने के बाद पाया कि निचली अदालत ने अभियोजन पक्ष की ओर से पेश किए गए सबूतों को सही तरीके से सराहा है। दोषियों की अपील को खारिज करते हुए हाईकोर्ट ने निचली अदालत के निर्णय को सही ठहराया है।
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