{"_id":"6087bf922bc49b4a4a743d15","slug":"the-price-of-peas-of-karsog-and-sirmour-fell-by-20-rupees-hailstorm-destroyed-the-crop","type":"story","status":"publish","title_hn":"20 रुपये गिरे सिरमौर और करसोग के मटर के दाम, ओलावृष्टि ने खराब की फसल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
20 रुपये गिरे सिरमौर और करसोग के मटर के दाम, ओलावृष्टि ने खराब की फसल
Tue, 27 Apr 2021 01:09 PM IST
Krishan Singh
ललित कश्यप, अमर उजाला, सोलन
ललित कश्यप, अमर उजाला, सोलन
Published by: Krishan Singh
Updated Tue, 27 Apr 2021 01:09 PM IST
सार
सब्जी मंडी में इसके दाम सीधे 20 रुपये तक गिर गए। सोलन के स्थानीय मटर की फसल अब अंतिम चरण में है। सब्जी मंडी में सिरमौर और करसोग से पहुंच रहा मटर ओले के कारण दागी हो गया है।
विज्ञापन
सोलन में मटर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
हिमाचल प्रदेश भर के किसान-बागवान इस बार मौसम की मार झेल रहे हैं। पहले सूखे और अब ओलावृष्टि से करोड़ों रुपये का नुकसान हो गया। सिरमौर, शिमला और करसोग का मटर भी ओलावृष्टि से खराब हो गया। सब्जी मंडी में इसके दाम सीधे 20 रुपये तक गिर गए। सोलन के स्थानीय मटर की फसल अब अंतिम चरण में है। सब्जी मंडी में सिरमौर और करसोग से पहुंच रहा मटर ओले के कारण दागी हो गया है।
विज्ञापन
इस कारण उसके दाम भी कम मिल रहे हैं। पहले मटर 70 रुपये तक बिका है जबकि अब मटर के दाम सीधे 50 रुपये तक पहुंच गए हैं। कोविड के बीच पिछले वर्ष की तरह इस बार भी किसानों को मटर के अच्छे दाम मिले हैं। इस माह तक सब्जी मंडी में 25 हजार क्विंटल मटर की खेप पहुंच गई थी। इससे दस करोड़ का कारोबार हुआ था, जबकि इस बार अभी तक 23 हजार क्विंटल मटर की खेप ही मंडी पहुंच पाई है। इसमें फसल कम होने के बावजूद कारोबार पिछले वर्ष से अधिक दस करोड़ 35 लाख रुपये हो गया है।
विज्ञापन
अभी मई माह तक सिरमौर और शिमला से मटर मंडी तक पहुंचता रहेगा। किसानों को पिछले वर्ष की तरह इस बार भी मटर के अच्छे दाम मिले हैं। मार्च में मटर 20 रुपये किलो बिकना शुरू हो गया था। इसके बाद मटर के दामों में धीरे-धीरे उछाल आता रहा। मार्च के अंत तक मटर 35 से 40 और अप्रैल माह में 40 से 70 रुपये तक बिका है। अब ओलावृष्टि से मटर खराब हो गया है। इस कारण मटर के दाम ग्रेड के हिसाब से 50 रुपये प्रति किलो के हिसाब से मिल रहे हैं।
विज्ञापन
फसल कम होने के बाद भी हुआ अच्छा कारोबार
मंडी समिति सोलन के सचिव रविंद्र शर्मा ने बताया कि पिछले साल फसल अधिक थी लेकिन कारोबार कम हुआ था। इस बार मटर के अच्छे दाम मिलने से पैदावार कम होने के बावजूद कारोबार में बढ़ोतरी हुई है। अभी तक मटर से दस करोड़ 35 लाख का कारोबार हुआ है। अभी शिमला और सिरमौर का मटर अगले माह तक मंडी में पहुंचता रहेगा। इन दिनों ओलावृष्टि से खराब मटर मंडी पहुंच रहा है जिस कारण इसके दाम कम हो गए हैं। आने वाले दिनों में दाम बढ़ने की उम्मीद है।