हर महीने बदलें ई-मेल और फेसबुक का पासवर्ड, जानिए वजह
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फेसबुक और ई-मेल अकाउंट के पासवार्ड को समय-समय पर बदलते रहना चाहिए। पासवर्ड अपने नाम के बजाय अन्य नामों या शब्दों से बनाएं। साथ ही पासवर्ड में कुछ अन्य विशेष चिह्नों व अंकों के साथ मिलाकर बनाना चाहिए।
ऐसा करने से पासवर्ड हैक होने की संभावना खत्म हो जाती है। डीएसपी साइबर क्राइम नरवीर सिंह ने यह बात शुक्रवार को लॉरेटो कान्वेंट ताराहॉल में छात्राओं के लिए आयोजित साइबर अपराध कार्यशाला में कही।
बताया कि आम तौर पर पासवर्ड अपने ही नाम से रख लेते हैं, जिसे क्रैक करना हैकर के लिए आसान होता है। अगर उसी में विशेष शब्द और अंक जोड़े जाएं तो उसे तोड़ना मुश्किल हो जाता है।
सलाह दी कि अनजान आईडी से आने वाले ई-मेल में दिए लिंक को भी नहीं खोलना चाहिए। इससे कई बार वायरस आपके सिस्टम या फोन में आ जाता है और सिस्टम पूरी तरह हैंग हो जाता है।
जल्द वेबसाइट लांच करेगी साइबर पुलिस
डीएसपी ने बताया कि हिमाचल पुलिस जल्द साइबर अपराध थाना की एक वेबसाइट लांच करेगी। इसका उद्देश्य नागरिकों को डिजिटल दुनिया में विभिन्न धोखाधड़ी गतिविधियों के बारे में चेतावनी देना और उन्हें इस तरह के अपराधों से संबंधित शिकायतों को दर्ज करने के बारे में मार्गदर्शन करना है। गृह मंत्रालय ने किशोरों के लिए साइबर सेफ्टी हैंड बुक पुस्तिका निकाली है, जो साइबर बदमाशी, साइबर और ईमेल धोखाधड़ी की समस्याओं से निपटारा से संबंधित है।
झारखंड से बिहार शिफ्ट हुए साइबर ठग
नरवीर ने बताया कि साइबर थाने की टीम ने साइबर अपराधियों के प्रति बड़ी कार्रवाई करते हुए झारखंड के जिला देवघर ग्राम घोरमारा पर छापा मारा था। साथ ही क्षेत्र में कांबिंग भी की गई, लेकिन धोखेबाज दूरदराज का इलाका व घनी झाड़ियों का लाभ उठाते हुए भाग निकले। बताया कि उन अपराधियों का लोकेशन झारखंड से बिहार में मिली है। इसके लिए बिहार पुलिस को सूचना देकर इनके विरुद्ध कार्रवाई करने को कहा गया है।