फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   The land wonership given soon

शहर के ढारों से भी टैक्स लेगा एमसी

Wed, 27 Apr 2022 12:09 AM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Wed, 27 Apr 2022 12:09 AM IST
विज्ञापन
The land wonership given soon
सरकार के फैसले से ढारों में रह रहे ढाई हजार लोगों को मिलेगा मालिकाना हक
विज्ञापन

2500 परिवार शहर में ढारों में रहते हैं
मालिकाना हक मिलते ही चुकाना पड़ेगा प्रॉपर्टी टैक्स
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी में सरकार के फैसले के बाद मालिकाना हक मिलने से ढाई हजार से ज्यादा ढारा मालिकों को प्रॉपर्टी टैक्स देना होगा। इन्हें शहर के अन्य भवन मालिकों की तरह नगर निगम को टैक्स चुकाना पड़ेगा। यह वह लोग हैं जो सरकारी जमीन पर ढारे बनाकर रह रहे हैं। सरकार अब इन्हें इस जमीन का मालिकाना हक देने जा रही है। ऐसा होता है तो अगले साल से इन्हें टैक्स चुकाना पड़ सकता है। हालांकि इनका टैक्स ज्यादा नहीं होगा।
दो बिस्वा में नियमित होने वाले ढारों का सालाना टैक्स 100 से 200 रुपये तक रह सकता है। इसमें भी कच्चे और पुराने ढारों का टैक्स कम होगा। सरकार ने दो बिस्वा तक के पुराने ढारा मालिकों को मालिकाना हक देने का फैसला लिया है।
विज्ञापन

शहरी विकास विभाग जल्द इसकी अधिसूचना जारी करने वाला है। शहर में करीब ढाई हजार ढारा मालिक इस फैसले से लाभान्वित होंगे। इनके कब्जे नियमित हो जाएंगे। निगम प्रशासन के अनुसार शहर में कई पुराने ढारामालिक अभी भी नगर निगम को टैक्स जमा करवा रहे हैं। लेकिन ज्यादातर ऐसे हैं जिनकी पूरी जानकारी न होने के कारण इनसे टैक्स नहीं लिया जा रहा है। शहर के कृष्णानगर, फागली, नाभा, बैनमोर, लक्कड़ बाजार क्षेत्र में सबसे ज्यादा ढारा मालिक हैं। शहर में बीते दस साल में भी हजारों नए ढारे बन गए हैं। कई जगह वन भूमि पर ही ढारे बने हैं। यह नियमित होंगे या नहीं, इनसे टैक्स लेना है या नहीं, इस पर आने वाले दिनों में स्थिति स्पष्ट होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

शहर में अभी 29 हजार भवन मालिक
शहर में नगर निगम अभी 29 हजार भवन मालिकों से प्रॉपर्टी टैक्स वसूलता है। रिहायशी भवनों की तुलना में व्यावसायिक भवनों का टैक्स ज्यादा है। इसी तरह मर्ज एरिया में कोर एरिया की तुलना में कम टैक्स लिया जाता है। कच्चे मकानों से भी कम दर पर टैक्स वसूला जाता है। नगर निगम इन दिनों साल 2022-23 के लिए भवन मालिकों को टैक्स के बिल जारी कर रहा है। अभी तक पांच हजार भवन मालिकों को बिल जारी हो चुके हैं। नगर निगम आयुक्त आशीष कोहली ने कहा कि शहर में अभी भी कई पुराने ढारा मालिकों से टैक्स लिया जा रहा है, जो अभी टैक्स नहीं दे रहे, उनसे भी टैक्स लिया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed