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Shimla News: कॉफी टेबल बुक में मिलेगा अब 50 प्राचीन मंदिरों का इतिहास
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प्रदेश के मंदिरों और जिला भाषा अधिकारियों के कार्यालयों में उपलब्ध होंगी किताब की प्रतियां, 12 जिलों के मंदिर किए हैं शामिल
हिंदी भाषा में लिखी गई है मंदिरों पर किताब
एक्सक्लूसिव खबर
दीक्षा सरोय
शिमला। प्रदेश के प्राचीन मंदिरों का इतिहास अब लोगों को काॅफी-टेबल बुक में पढ़ने को मिलेगा। इस काॅफी टेबल बुक की प्रतियां लोगों को प्रदेश के मंदिरों और जिला भाषा अधिकारियों के कार्यालयों में मिलेंगी। वहीं हिमाचल प्रदेश भाषा एवं संस्कृति विभाग कार्यालय में भी इसकी प्रतियां उपलब्ध होंगी।
विभाग ने इस काॅफी टेबल बुक में प्रदेश के सभी 12 जिलों के मंदिरों को शामिल किया है। इस किताब को छापने का उद्देश्य पर्यटकों और प्रदेशवासियों को इन मंदिरों के महत्व और इनके इतिहास से अवगत करवाना है। कॉफी टेबल बुक में करीब 50 मंदिरों को शामिल किया है। इसमें मंदिरों के इतिहास, प्राचीन और नए फोटो तथा मंदिर कहां स्थित हैं इसकी जानकारी उपलब्ध करवाई जाएगी। यह किताब हिंदी में लिखी गई है। यह किताब मंदिरों में आने वाले सैलानियों के लिए मंदिरों में दर्शनों के साथ उस मंदिर का इतिहास भी बताएगी। गौरतलब है कि मंडी, चंबा, ऊना, शिमला, कांगड़ा, बिलासपुर और सिरमौर तथा शिमला में कई प्रसिद्ध प्राचीन मंदिर हैं। हर साल इन मंदिरों में हजारों लोग दर्शन के लिए आते हैं।
जल्द होगा बुक का विमोचन : गुप्ता
भाषा एवं संस्कृति विभाग के संयुक्त निदेशक भानु गुप्ता ने कहा कि कॉफी टेबल बुक से लोगों को देवभूमि हिमाचल प्रदेश के उन मंदिरों का इतिहास जानने को मिलेगा जो प्राचीन समय से लोगों की आस्था का केंद्र रहे हैं। इन मंदिरों में देश-विदेश से भी लोग दर्शनों के लिए आते हैं, ऐसे में यह उनके लिए इनके इतिहास को जानने का माध्यम बनेंगी। उन्होंने बताया कि इस किताब का कार्य लगभग पूरा हो चुका है और जल्द इसे लॉन्च कर दिया जाएगा।
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हिंदी भाषा में लिखी गई है मंदिरों पर किताब
एक्सक्लूसिव खबर
दीक्षा सरोय
शिमला। प्रदेश के प्राचीन मंदिरों का इतिहास अब लोगों को काॅफी-टेबल बुक में पढ़ने को मिलेगा। इस काॅफी टेबल बुक की प्रतियां लोगों को प्रदेश के मंदिरों और जिला भाषा अधिकारियों के कार्यालयों में मिलेंगी। वहीं हिमाचल प्रदेश भाषा एवं संस्कृति विभाग कार्यालय में भी इसकी प्रतियां उपलब्ध होंगी।
विभाग ने इस काॅफी टेबल बुक में प्रदेश के सभी 12 जिलों के मंदिरों को शामिल किया है। इस किताब को छापने का उद्देश्य पर्यटकों और प्रदेशवासियों को इन मंदिरों के महत्व और इनके इतिहास से अवगत करवाना है। कॉफी टेबल बुक में करीब 50 मंदिरों को शामिल किया है। इसमें मंदिरों के इतिहास, प्राचीन और नए फोटो तथा मंदिर कहां स्थित हैं इसकी जानकारी उपलब्ध करवाई जाएगी। यह किताब हिंदी में लिखी गई है। यह किताब मंदिरों में आने वाले सैलानियों के लिए मंदिरों में दर्शनों के साथ उस मंदिर का इतिहास भी बताएगी। गौरतलब है कि मंडी, चंबा, ऊना, शिमला, कांगड़ा, बिलासपुर और सिरमौर तथा शिमला में कई प्रसिद्ध प्राचीन मंदिर हैं। हर साल इन मंदिरों में हजारों लोग दर्शन के लिए आते हैं।
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जल्द होगा बुक का विमोचन : गुप्ता
भाषा एवं संस्कृति विभाग के संयुक्त निदेशक भानु गुप्ता ने कहा कि कॉफी टेबल बुक से लोगों को देवभूमि हिमाचल प्रदेश के उन मंदिरों का इतिहास जानने को मिलेगा जो प्राचीन समय से लोगों की आस्था का केंद्र रहे हैं। इन मंदिरों में देश-विदेश से भी लोग दर्शनों के लिए आते हैं, ऐसे में यह उनके लिए इनके इतिहास को जानने का माध्यम बनेंगी। उन्होंने बताया कि इस किताब का कार्य लगभग पूरा हो चुका है और जल्द इसे लॉन्च कर दिया जाएगा।
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